बलरामपुर। जिले में रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने नागरिकों से सतर्क रहने और समय पर उपचार लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि रेबीज एक गंभीर एवं घातक बीमारी है, जो संक्रमित कुत्ते, बिल्ली, बंदर सहित अन्य जानवरों के काटने या खरोंचने से फैलती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।
पशु के काटने पर तुरंत करें प्राथमिक उपचार
डॉ. सिंह ने कहा कि किसी भी पशु के काटने या खरोंचने की घटना को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले प्रभावित स्थान को 10 से 15 मिनट तक साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद एंटीसेप्टिक लगाकर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है एंटी रेबीज वैक्सीन
सीएमएचओ ने जानकारी दी कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आमजन अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर निःसंकोच टीकाकरण करवा सकते हैं।
जानवर के काटने पर क्या करें
किसी भी पशु के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत 10-15 मिनट तक साबुन और पानी से धोएं। इसके बाद एंटीसेप्टिक लगाएं और शीघ्र ही स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें। डॉक्टर की सलाह अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स अवश्य लें।डॉ. सिंह ने बताया कि पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण कराना जरूरी है। साथ ही आवारा जानवरों से दूरी बनाए रखें और बच्चों को जानवरों के प्रति सुरक्षित व्यवहार के लिए जागरूक करें।
नजरअंदाज न कर तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह
किसी भी पशु के काटने की घटना को नजरअंदाज न करें और घरेलू उपचार या झाड़-फूंक पर निर्भर न रहें।उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि रेबीज को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर पूरा टीकाकरण करवाएं, ताकि जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
