मियामी। फीफा विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के लिए खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। मियामी स्टेडियम में मिली इस शिकस्त के साथ ही फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशां का 14 वर्षों का स्वर्णिम और सफल कार्यकाल भी समाप्त हो गया। मैच के बाद कोच डेशां ने बेहद भावुक होते हुए हार की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर ली और पहले हाफ में टीम के प्रदर्शन को ‘शर्मनाक’ करार दिया।
इस मुकाबले के पहले हाफ में फ्रांस की टीम पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और देखते ही देखते 0-4 से पिछड़ गई। हालांकि, दूसरे हाफ में फ्रांसीसी टीम ने गजब का जुझारूपन दिखाया। स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने दो शानदार गोल दागे, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल कर स्कोर को 4-3 पर ला खड़ा किया और मैच में रोमांच फूंक दिया। इस दौरान एम्बाप्पे ने एक बड़ा इतिहास भी रचा; वह फीफा विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक 22 गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं और उन्होंने दिग्गज लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है।मैच का रोमांच अंतिम पलों में अपने चरम पर था जब फ्रांस के पास स्कोर 4-4 से बराबर करने के दो सुनहरे मौके थे। लेकिन खेल के 87वें मिनट में इंग्लैंड के बुकायो साका ने पेनल्टी को गोल में तब्दील कर अपनी हैट्रिक पूरी की और स्कोर 5-3 कर दिया। इसके तुरंत बाद फ्रांस के उस्मान डेम्बेले ने एक और गोल दागकर अंतर को फिर कम किया, लेकिन स्टॉपेज टाइम में इंग्लैंड के जूद बेलिंगहैम ने गोल दागकर फ्रांस की उम्मीदों को तोड़ते हुए इंग्लैंड की 6-4 से जीत पक्की कर दी।
मैच का रोमांच अंतिम पलों में अपने चरम पर था जब फ्रांस के पास स्कोर 4-4 से बराबर करने के दो सुनहरे मौके थे। लेकिन खेल के 87वें मिनट में इंग्लैंड के बुकायो साका ने पेनल्टी को गोल में तब्दील कर अपनी हैट्रिक पूरी की और स्कोर 5-3 कर दिया। इसके तुरंत बाद फ्रांस के उस्मान डेम्बेले ने एक और गोल दागकर अंतर को फिर कम किया, लेकिन स्टॉपेज टाइम में इंग्लैंड के जूद बेलिंगहैम ने गोल दागकर फ्रांस की उम्मीदों को तोड़ते हुए इंग्लैंड की 6-4 से जीत पक्की कर दी।हार से निराश कोच डिडिएर डेशां ने मैच के बाद कहा कि पहले हाफ में रणनीति के स्तर पर वह वह नहीं कर पाए जो उन्हें करना चाहिए था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने कहा कि भले ही तीसरे स्थान पर न रहने का दर्द है, लेकिन दूसरे हाफ में टीम ने अपना असली खेल दिखाया। डेशां ने इस पूरे अभियान को असफल मानने से इनकार करते हुए कहा कि उनके पास एक बेहद प्रतिभाशाली और युवा टीम है जो आगे और बेहतर करेगी। उन्होंने आठ सप्ताह के इस सफर और खिलाड़ियों के साथ बिताए समय को यादगार बताते हुए कहा कि खेल के लिहाज से निराशा जरूर है, लेकिन उन्हें करोड़ों फ्रांसीसी प्रशंसकों को भावनात्मक पल देने का गौरव मिला।
हार से निराश कोच डिडिएर डेशां ने मैच के बाद कहा कि पहले हाफ में रणनीति के स्तर पर वह वह नहीं कर पाए जो उन्हें करना चाहिए था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने कहा कि भले ही तीसरे स्थान पर न रहने का दर्द है, लेकिन दूसरे हाफ में टीम ने अपना असली खेल दिखाया। डेशां ने इस पूरे अभियान को असफल मानने से इनकार करते हुए कहा कि उनके पास एक बेहद प्रतिभाशाली और युवा टीम है जो आगे और बेहतर करेगी। उन्होंने आठ सप्ताह के इस सफर और खिलाड़ियों के साथ बिताए समय को यादगार बताते हुए कहा कि खेल के लिहाज से निराशा जरूर है, लेकिन उन्हें करोड़ों फ्रांसीसी प्रशंसकों को भावनात्मक पल देने का गौरव मिला।साल 2012 में फ्रांस की राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने वाले डिडिएर डेशां का कार्यकाल बेमिसाल रहा है। उनके मार्गदर्शन में फ्रांस ने 2018 में फीफा विश्व कप जीता, 2022 में उपविजेता रहा और 2026 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, इस बार स्पेन से सेमीफाइनल और इंग्लैंड से तीसरे स्थान के मैच में मिली हार के साथ फ्रांस फुटबॉल के एक महान युग का अंत हो गया है।
साल 2012 में फ्रांस की राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने वाले डिडिएर डेशां का कार्यकाल बेमिसाल रहा है। उनके मार्गदर्शन में फ्रांस ने 2018 में फीफा विश्व कप जीता, 2022 में उपविजेता रहा और 2026 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, इस बार स्पेन से सेमीफाइनल और इंग्लैंड से तीसरे स्थान के मैच में मिली हार के साथ फ्रांस फुटबॉल के एक महान युग का अंत हो गया है।
