जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में हीलाहवाली और अनुशासनहीनता बरतने वाले राजस्व अमले पर प्रशासन का बड़ा चाबुक चला है। फार्मर रजिस्ट्री, बकेट क्लेम, पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों की ई-केवाईसी और स्वामित्व योजना जैसे जनहितैषी प्रोजेक्ट्स में गंभीर लापरवाही सामने आने पर 17 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा मझौली तहसील के 2 पटवारियों राहुल पटेल और अभिषेक विश्वकर्मा की दो-दो वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं, जबकि लचर कार्यप्रणाली को लेकर 164 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं।
जिला प्रशासन के निर्देश पर यह सख्त कदम अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों (एसडीएम) द्वारा उठाया गया। लगातार हिदायतों और पूर्व में जारी नोटिसों के बावजूद जब इन कर्मचारियों के काम में कोई सुधार नहीं दिखा और उनके स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए गए, तब यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के तहत एसडीएम कलावती ब्यारे ने जबलपुर तहसील के 6 पटवारियों (कपिल तिवारी, अमन चौरसिया, प्रशांत डोंगरे, रोहित पटेल, ओमप्रकाश तिवारी, नीलेश यादव) और पनागर तहसील के 4 पटवारियों (मुकेश मिश्रा, सजल नामदेव, सुरेंद्र कुमार कैथल, अभिषेक शर्मा) को निलंबित किया। वहीं, एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने शहपुरा तहसील के 2 पटवारियों (दिलीप सिंह ठाकुर, सनिल पटेल), एसडीएम ज्योति परस्ते ने सिहोरा के 2 (निशांत वर्मा, हेमा कुम्हरे), मझौली की पूनम श्रीवास्तव और पोंडा के रोहित पाठक पर निलंबन की गाज गिराई। इसके अलावा कुंडम एसडीएम प्रगति गणवीर ने दीपक प्रकाश छत्तर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है।
