भोपाल. मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किए जाएंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों कक्षाओं के परिणाम एक साथ घोषित करेंगे.
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि इस बार रिजल्ट के साथ ही मेरिट लिस्ट भी जारी होगी. राज्य स्तर पर टॉप करने वाले मेधावी छात्रों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा. छात्र केवल अपने रोल नंबर के जरिए आसानी से परिणाम देख सकेंगे. बोर्ड ने मूल्यांकन और डेटा अपलोड की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, जबकि रिजल्ट जारी करने से पहले हर स्तर पर क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन सुनिश्चित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो.
इस वर्ष प्रदेशभर से 16 लाख से अधिक छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं के परीक्षार्थी हैं. परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे. नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसी सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई थीं. इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए, जिनमें मुरैना में सबसे अधिक 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज किए गए.
इस बीच विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें. गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी के अनुसार हर छात्र बेहतर परिणाम की उम्मीद करता है, लेकिन एक परीक्षा से जीवन का आकलन नहीं किया जा सकता. ऐसे में बच्चों के मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को बनाए रखना बेहद जरूरी है.
शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य समय पर परिणाम जारी करना है, ताकि छात्र बिना किसी देरी के अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें. तय समय पर रिजल्ट आने से न केवल छात्रों बल्कि अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
