कोलकाता। चोरबगान पूजा पंडाल में मची भयावह भगदड़ में 19 लोगों की जान जाने के बाद कोलकाता पुलिस ने बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारी लापरवाही के इस मामले में पूजा आयोजकों के विरुद्ध स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) और धारा 3(5) (साझा मंशा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए अब तक 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि 7 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।इसके साथ ही क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 भी लागू कर दी गई है।
कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंद द्वारा रविवार सुबह जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निषेधाज्ञा मंगलवार (नवमी) तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत संबंधित क्षेत्रों में पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, लाठी-डंडे अथवा किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह पाबंदी मुख्य रूप से बऊबाजार थाना क्षेत्र के उन हिस्सों पर केंद्रित है जो चोरबगान पूजा पंडाल से सीधे जुड़े हैं। इनमें कॉलेज स्ट्रीट (कोलूटोला स्ट्रीट से ईडन अस्पताल रोड तक), चित्तरंजन एवेन्यू (कोलूटोला स्ट्रीट से ईडन अस्पताल रोड तक), कोलूटोला स्ट्रीट (कॉलेज स्ट्रीट से सीआर एवेन्यू तक) और ईडन अस्पताल रोड (सीआर एवेन्यू से कॉलेज स्ट्रीट तक) के इलाके शामिल हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह रोक पूरे बऊबाजार थाना क्षेत्र पर लागू नहीं है।
हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक मशीनरी भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। रविवार सुबह राज्यपाल आर.एन. रवि और पुलिस आयुक्त अजय नंद ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम पूछा और चिकित्सकों को बेहतर से बेहतर उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए।
इस बीच, सरकार ने पूरी घटना की निष्पक्ष और बहुस्तरीय जांच का भरोसा दिलाया है। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य और महत्वपूर्ण नमूने जुटाने के लिए एसटीएफ, सीआईडी और दमकल विभाग की संयुक्त टीमों को लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर थीम आधारित पंडालों के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी थीम से अधिक मूल्यवान मानव जीवन है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासन को अब थीम पूजा की अनुमति और व्यवस्था को लेकर नए सिरे से कड़े नियम तय करने होंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो।
