ग्वालियर। नवरात्र की सप्तमी पर शीतला माता के दर्शन की उमंग लिए पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए रविवार की भोर कभी न भूलने वाले मातम में बदल गई। चीनौर रोड की तीव्र ढलान से आ रहा मालवाहक भारी ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पुलिस बैरिकेड्स और स्टॉपर्स को तिनके की तरह उड़ाता हुआ सीधे मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार तक जा पहुंचा। गति इतनी तेज थी कि मार्ग में लगी पूजा-प्रसाद की दुकानें, कतार में लगे श्रद्धालु और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी इसकी चपेट में आ गए। इसके बाद ट्रक पूरी ताकत से मंदिर की मुख्य दीवार से टकराया, जिससे दीवार भरभराकर ढह गई और कई लोग मलबे व पहियों के नीचे दब गए। इस रूह कंपा देने वाले हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें मासूम बच्चों और किशोरों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे हुए इस मंजर को प्रत्यक्षदर्शियों ने साक्षात काल का रूप बताया। श्रद्धालुओं को संभलने तक का अवसर नहीं मिला और पलक झपकते ही मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। जिला प्रशासन के अनुसार मृतकों में अब तक सत्येंद्र गुर्जर, सरला तोमर, गौरव परिहार, महेश शर्मा, विमलेश, देवेश बघेल, प्रिंस उर्फ छोटू जाटव और शौर्य शर्मा की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि अन्य 6 शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल करीब दो दर्जन से अधिक लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
अस्पतालों में रविवार की सुबह बेहद हृदयविदारक दृश्य देखने को मिले, जहां बदहवास परिजन एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक अपनों को ढूंढते रहे। हादसे ने मंदिर परिसर की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना से महज 15 मिनट पूर्व तक पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर यातायात का जायजा ले रहा था, इसके बावजूद ‘नो-एंट्री’ वाले प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन का प्रवेश कैसे हुआ, यह जांच का सबसे बड़ा विषय है। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड जवान भी जख्मी हुए हैं।
कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर के अनुसार ट्रक के ब्रेक फेल होने या अनियंत्रित होने के कारणों के साथ-साथ सुरक्षा बैरिकेडिंग में हुई चूक की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। घायलों को त्वरित व समुचित चिकित्सा और पीड़ित परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से त्वरित आर्थिक व मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
