अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में इन दिनों गहमागहमी का माहौल है। हाल ही में हुए इस्तीफों और मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) को सौंपे गए लिखित बयानों के बीच, आज सुबह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और महासचिव चंपत राय के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। तीर्थ क्षेत्र भवन में चल रही इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि चंपत राय के इस्तीफे के बाद दोनों दिग्गजों की यह पहली आमने-सामने की बातचीत है।
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे एक दिन पहले भी कृष्ण मोहन और बजरंग लाल बागड़ा ने चंपत राय से मुलाकात की थी। फिलहाल, गोपाल राव भी तीर्थ क्षेत्र भवन में मौजूद हैं, हालांकि वे इस बैठक का हिस्सा नहीं हैं।
ट्रस्ट में यह हलचल ऐसे समय में बढ़ी है जब मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करूणेश पांडेय को एक दिन की रिमांड पर लिया है। बीते सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था। इस इस्तीफे के बाद स्वामी गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट किया था कि मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की मुख्य वजह मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) का कड़ाई से पालन न होना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कोषाध्यक्ष के रूप में उनका प्राथमिक दायित्व केवल कोष की सुरक्षा और आय-व्यय का हिसाब देखना है, जबकि चढ़ावे की निगरानी की जिम्मेदारी वहां तैनात लोगों और मुख्य रूप से अनिल मिश्रा की थी। उन्होंने इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से बरती गई ढील को भी चोरी के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
