नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के पास न हो पाने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। शुक्रवार को हुई वोटिंग के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस का परिणाम बिल के गिर जाने के रूप में सामने आया, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अपील के बावजूद विपक्ष के विरोध के चलते यह बिल पारित नहीं हो सका। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को भविष्य के लिए एक बड़ी चेतावनी दी है।
अपने आधिकारिक X हैंडल पर निराशा और आक्रोश व्यक्त करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश ने शुक्रवार को लोकसभा में एक अजीब दृश्य देखा, जहाँ कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने से रोक दिया। उन्होंने इसे निंदनीय करार देते हुए कहा कि 33% आरक्षण के बिल को गिराकर उसका जश्न मनाना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष का यह कदम न केवल महिलाओं के हितों के विरुद्ध है, बल्कि देश के भविष्य के लिए भी गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं के अपमान की यह बात यहीं नहीं रुकेगी; विपक्ष को 2029 के लोकसभा चुनाव समेत हर स्तर और हर चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
गृह मंत्री ने विपक्ष पर देश की आधी आबादी यानी 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं दशकों से अपने अधिकारों का इंतजार कर रही थीं, उन्हें विश्वास में लेने के बजाय उनके साथ विश्वासघात किया गया है। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि जिस अहंकार के साथ विपक्ष इस जीत का जश्न मना रहा है, वह असल में एक बड़ी पराजय है, जिसे समझने में शायद वे अभी नाकाम हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि इस घटना से देश की बेटियों और महिलाओं का मनोबल गिरा है। उन्होंने इसे एक व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि विपक्ष से ऐसी उम्मीद किसी को नहीं थी, लेकिन उन्हें अभी भी प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प पर पूरा भरोसा है कि वे महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेंगे।
