नई दिल्ली। देश में महंगाई के मोर्चे पर आम जनता को एक बड़ा झटका लगा है, जहाँ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लंबी स्थिरता के बाद शुक्रवार सुबह भारी उछाल दर्ज किया गया। ईंधन के बढ़ते दामों की यह आग केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में सीएनजी (CNG) की कीमतों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीएनजी के दाम में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब सफर करना और माल ढुलाई करना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा।
दिल्ली ही नहीं, इससे ठीक एक दिन पहले मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में भी महानगर गैस लिमिटेड ने सीएनजी की कीमतों में ₹2 का इजाफा कर इसे 82 रुपये से बढ़ाकर 84 रुपये प्रति किलो कर दिया था। यह नई दरें मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं, जिसका सीधा वित्तीय बोझ लाखों वाहन मालिकों और टैक्सी-ऑटो चालकों पर पड़ना तय है।
पेट्रोल और डीजल की बात करें तो करीब 11 हफ्तों के लंबे अंतराल के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में ₹3 प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से उछलकर 97.77 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुँच गई है, जबकि डीजल के दाम भी 89.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।
उद्योग सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की इनपुट लागत में लगातार वृद्धि हो रही थी, जिसे कंपनियां अब तक खुद वहन कर रही थीं। लेकिन ईरान में जारी मौजूदा वैश्विक संघर्ष और अस्थिरता के कारण जब परिचालन आर्थिक रूप से अव्यवहार्य होने लगा, तो कंपनियों ने इस लागत का एक हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का निर्णय लिया। ईंधन के दामों में हुई इस अचानक वृद्धि का व्यापक असर केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के परिवहन खर्च में बढ़ोतरी होने से आने वाले दिनों में सामान्य रसोई के बजट पर भी इसका गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
