अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के प्रसिद्ध ‘टुनटुन दाबेली सेंटर’ के संचालक अमन ओझा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लापता अमन ओझा का शव पड़ोसी राज्य झारखंड के रंका में बरामद किया गया है, जिसके शरीर और सिर पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं, जो प्रथम दृष्टया हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अमन पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अपनी निजी जिंदगी और पत्नी को लेकर उपजे विवाद के कारण काफी चर्चा में थे। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर एक मुस्लिम युवक पर अपनी पत्नी को भगा ले जाने का आरोप लगाया था और लगातार अपनी जान को खतरा होने की आशंका जता रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि अमन ओझा ने अपनी हत्या की धमकी मिलने की लिखित शिकायत अम्बिकापुर कोतवाली पुलिस से की थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने समय रहते इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस की इसी कथित लापरवाही का नतीजा रहा कि आज अमन का शव बरामद हुआ, जबकि उनकी मोटरसाइकिल बलरामपुर जिले के रामानुजगंज से मिली है।
इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में कोतवाली पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस दोषियों तक कब तक पहुँच पाती है।
