रायपुर/सक्ती. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुए हृदय विदारक हादसे ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. इस औद्योगिक त्रासदी की गूँज सत्ता के गलियारों तक पहुँचने के बाद, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मामले की तह तक जाने के लिए अपनी एक उच्चस्तरीय जांच समिति का ऐलान कर दिया है.
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के सीधे निर्देश पर गठित इस समिति का नेतृत्व कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को सौंपा गया है. नौ सदस्यीय इस भारी-भरकम टीम में पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा सहित क्षेत्र के प्रभावशाली विधायकों रामकुमार यादव (चंद्रपुर), अटल श्रीवास्तव (कोटा), बालेश्वर साहू (जैजेपुर), राघवेंद्र सिंह (अकलतरा), व्यास कश्यप (जांजगीर-चांपा) और शेषराज हरवंश (पामगढ़) को शामिल किया गया है.
साथ ही, संगठन की मजबूती के लिए सक्ती जिला अध्यक्ष रश्मि गवेल और जांजगीर-चांपा जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल को भी इस जांच दल का हिस्सा बनाया गया है. यह समिति जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर उन पीड़ित परिवारों से सीधा संवाद करेगी जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया है.
कांग्रेस की यह पहल न केवल हादसे के पीछे छिपी औद्योगिक और प्रशासनिक लापरवाही को बेनकाब करने की कोशिश है, बल्कि इसके जरिए पार्टी पीड़ितों की आवाज़ को सड़क से सदन तक उठाने की रणनीति भी तैयार कर रही है. पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली इस घटना पर समिति की रिपोर्ट ही कांग्रेस का अगला राजनीतिक और कानूनी रुख तय करेगी.
