जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने से एक मासूम बच्चे की असामयिक मृत्यु और तीन अन्य बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने की घटना ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। इस हृदयविदारक मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम और संबंधित एसडीएम को जिला अस्पताल पहुंचने के निर्देश दिए। प्रशासन की तत्परता दिखाते हुए गांव में मेडिकल टीम रवाना कर दी गई है, जो पीड़ित परिवार और गांव के अन्य लोगों के स्वास्थ्य की सघन जांच कर रही है। तहसीलदार को भी गांव में रहकर पूरे घटनाक्रम की निरंतर निगरानी करने के लिए निर्देशित किया गया है।
सिविल सर्जन एस. कुजूर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार, बच्चों ने तरबूज के साथ चिकन का सेवन किया था, जिसके कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। दुर्भाग्यवश, एक बच्चे ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि शेष तीन बच्चों का उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है। राहत की बात यह है कि अस्पताल में भर्ती बच्चों की स्थिति अब सामान्य और खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के मूल कारणों का पता लगाने के लिए कलेक्टर के आदेश पर तरबूज के सैंपल लैब में जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही, मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराकर विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, ताकि वैज्ञानिक आधार पर मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।
जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम धुरकोट गांव में कैंप कर रही है और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि फूड पॉइजनिंग जैसी किसी भी अन्य स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
