जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की सत्ता का रास्ता बस्तर के जंगलों और बीहड़ों से होकर गुजरता है। इसी सियासी हकीकत को केंद्र में रखकर कांग्रेस ने 2028 के चुनावी दंगल की बिसात अभी से बिछानी शुरू कर दी है। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और संगठन की रीढ़ कहे जाने वाले ब्लॉक अध्यक्षों को चुनावी रणनीति में माहिर बनाने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत त्रिदिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का पहला चरण बस्तर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समापन अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दो टूक शब्दों में कहा कि बस्तर हमेशा से सत्ता की कुंजी रहा है। यदि सूबे में सरकार बनानी है, तो उसका शंखनाद बस्तर की धरती से ही होता है। इस बार बदलाव की बयार भी यहीं से उठेगी, जो मैदानी इलाकों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर से लेकर सरगुजा तक असर दिखाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम से कांग्रेस न केवल सशक्त होगी, बल्कि एक नए तेवर के साथ मैदान में उतरेगी।
इस तीन दिवसीय शिविर में संभाग के 58 ब्लॉक अध्यक्षों और 20 मास्टर ट्रेनरों को गहन राजनीतिक और संगठनात्मक गुर सिखाए गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंहदेव, मोहन मरकाम और राजेश तिवारी जैसे दिग्गज नेताओं ने कार्यकर्ताओं को जनता से सीधा संवाद स्थापित करने, स्थानीय मुद्दों पर मुखर होने और आगामी सियासी चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक टिप्स दिए। दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के बाद ब्लॉक अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में एक आक्रामक और सक्रिय नेतृत्व के रूप में जनता की आवाज बनेंगे और मिशन 2028 को फतह करने के लिए जनसंपर्क का सघन अभियान चलाएंगे।
