कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ कटघोरा वन मंडल के केंदई वन परिक्षेत्र में एक लोनर (अकेले घूमने वाले) हाथी ने बुजुर्ग महिला को कुचलकर मार डाला। दिल को दहला देने वाली यह वारदात सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे की है, जब पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पतुरियाडांड की रहने वाली 70 वर्षीय सुखमत बाई रोजमर्रा की तरह जंगल में डोरी बिनने गई थीं। सुबह के धुंधलके में बुजुर्ग महिला को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि घने पेड़ों के बीच मौत उनका इंतजार कर रही है। जंगल के भीतर जैसे ही उनका सामना अचानक इस विशालकाय लोनर हाथी से हुआ, उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। बेकाबू हाथी ने अचानक उन पर हमला बोल दिया और बेरहमी से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही सुखमत बाई ने दम तोड़ दिया। इस भयावह घटना के बाद से पूरे पतुरियाडांड गाँव में मातम पसर गया है और ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर दौड़ लगाई और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए वन विभाग ने तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपये की आर्थिक राशि प्रदान की है, जबकि शेष मुआवजा औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, तबाही मचाने वाला यह लोनर हाथी करीब तीन दिन पहले ही पड़ोसी सरगुजा वन मंडल की सीमा को पार कर कटघोरा वन मंडल के केंदई क्षेत्र में दाखिल हुआ है। वन्यजीव विशेषज्ञ और वनकर्मी लगातार इस हाथी की लोकेशन को ट्रैक कर रहे हैं और उसकी हर एक गतिविधि पर सैटेलाइट व धरातल के जरिए कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस दुःखद हादसे की पुष्टि करते हुए कटघोरा वन मंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि लोनर हाथी के हमले में एक वृद्ध महिला की मृत्यु हुई है, जिसके बाद वन अमले ने मौके पर पहुँचकर नियमानुसार तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध करा दी है। उन्होंने आगे कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर ‘हाथी मित्र दल’ को तुरंत एक्टिव मोड पर डाल दिया गया है, जो लगातार गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर रहा है। वन विभाग ने हाथ जोड़कर ग्रामीणों से पुरजोर अपील की है कि वे फिलहाल किसी भी कीमत पर जंगल का रुख न करें। हाथी की मौजूदगी की भनक लगते ही उससे दूरी बनाएं, उसे बिल्कुल न उकसाएं और किसी भी आपात स्थिति या खतरे की आशंका होने पर तुरंत वन अमले को सूचित करें ताकि समय रहते जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
