रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी ने इस साल के अपने ही पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार को राजनांदगांव जिला पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण लू और तपती धूप ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजनांदगांव के अलावा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों में भी पारा 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 3 से 4 दिनों के लिए भीषण लू (हीट वेव) का अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी की इस भयावह स्थिति के पीछे मौसम विज्ञानियों ने उत्तर भारत से लेकर प्रदेश तक फैली द्रोणिका, ओडिशा के पास बना चक्रवाती सिस्टम और महाराष्ट्र-तेलंगाना क्षेत्र में सक्रिय एंटी-साइक्लोन को मुख्य कारण बताया है। इन मौसमी कारकों के कारण हवा में नमी की भारी कमी है, जिससे उमस के बिना भी गर्मी काफी चुभने वाली महसूस हो रही है। राजधानी रायपुर में भी स्थिति खासे गंभीर है, जहां दिन का तापमान 43 डिग्री के आसपास बना हुआ है और रात के समय भी गर्म हवाओं का असर बरकरार है, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और दिनभर तेज धूप के चलते लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों तक तापमान का स्तर इसी तरह ऊंचा बना रह सकता है। इस कठिन परिस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, हल्के और सूती कपड़े पहनने के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। आने वाले दिनों में गर्मी का यह प्रकोप और भी परेशान कर सकता है, इसलिए सतर्क रहना ही एकमात्र बचाव है।
