– प्लेसमेंट कर्मचारियों पर 5 से 10 हजार रुपये देने का दबाव, रकम नहीं देने पर नौकरी से बाहर करने की धमकी का आरोप
जांजगीर-चांपा। आबकारी विभाग में एक बार फिर प्लेसमेंट कर्मचारियों से अवैध वसूली किए जाने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि शराब दुकानों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों से VIP खर्च के नाम पर 5 से 10 हजार रुपये तक की रकम मांगी जा रही है। बताया जा रहा है कि जिले की विभिन्न शराब दुकानों के संचालकों और कर्मचारियों पर यह रकम जुटाने का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर रकम देने से इनकार करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने की धमकी भी दी जा रही है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि आखिर VIP खर्च के नाम पर यह रकम किसके लिए और किस मद में वसूली जा रही है? क्या आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर कथित वसूली का खेल उनकी जानकारी और मिलीभगत से संचालित हो रहा है? हालांकि, अधिकारी की संलिप्तता को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
हैरानी की बात यह है कि आबकारी विभाग में इस तरह की वसूली के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। पूर्व में भी प्लेसमेंट कर्मचारियों से कथित तौर पर रकम वसूलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। उस समय भी कार्रवाई और जांच की बातें हुईं, लेकिन यदि दोबारा इसी तरह के आरोप सामने आ रहे हैं तो पूर्व की कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठना लाजिमी है।
नौकरी बचाने के लिए जेब ढीली करने की मजबूरी!
शराब दुकानों में काम करने वाले प्लेसमेंट कर्मचारी पहले ही सीमित वेतन और नौकरी की असुरक्षा के बीच काम कर रहे हैं। ऐसे में VIP खर्च के नाम पर हजारों रुपये की कथित मांग और नौकरी से निकालने की धमकी ने कर्मचारियों की परेशानी बढ़ा दी है। सवाल यह भी है कि यदि कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई से ही कथित VIP खर्च उठाएंगे तो उनके परिवार का गुजारा कैसे होगा?
जांच होगी या फिर एक बार फिर खानापूर्ति?
अब आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी शराब दुकानों के प्लेसमेंट कर्मचारियों से गोपनीय तरीके से पूछताछ कराई जाए। कथित वसूली के पीछे कौन है, रकम किसके पास पहुंच रही है और किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
