Exclusive : पहले मंदिर बंद कराये.. वहां पत्थर की मूर्ती है भगवान कहाँ दिखता है : कम्बल बाबा

Edited by _ Deshdeepakgupta

@bittusinghrajpoot 

अंबिकापुर प्रदेश के गृहमंत्री द्वारा इलाज कराने के बाद चर्चा में आये कम्बल बाबा पर प्रशासन ने सिकंजा कस दिया है.. सरगुजा संभाग के सभी जिलो में मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी ने सभी बीएमओ पत्र जारी कर कम्बल बाबा के शिविरों पर रोक लगाने के निर्देश दिए है.. दरअसल सरगुजा क्षेत्र में गुजरात से आये कम्बल बाबा शिविरों के माध्यम से लोगो का इलाज कम्बल से करते थे.. और प्रदेश के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने भी उनसे अपना इलाज कराया था जिसके बाद सुर्ख़ियों में आये कम्बल बाबा के शिवरों में भीड़ बढ़ने लगी और वो लोगो का इलाज करने लगे.. लेकिन समाजिक संगठनों की सिकायत और मरीजो को लाभ की जगह नुक्सान होने बात सामने आने पर अब बाबा के शिविरों पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है..

लोगो को प्रशासन नहीं रोक सकेगा

इधर प्रशासन द्वारा शिविर प्रतिबन्ध लगाए जाने के सवाल को लेकर फटाफट न्यूज ने गणेश यादव उर्फ़ कम्बल वाले बाबा से ख़ास बात चीत की जिसमे बाबा ने बड़े बयान दिए है.. बाबा ने कहा की रोक प्रशासन शिविर पर लगाया है पर लोगो को मुझसे मिलने से तो रोक नहीं पायेगा.. लोगो की आस्था है तो वो मुझसे कही पर भी मिलेंगे.. बाबा ने यह भी कहा की उनके शिविर में लोगो की भीड़ उमड़ती है जिससे डाक्टरों की दुकाने बंद हो गई है.. इसलिए मुझ पर आरोप लगा रहे है..

मै बीजेपी का प्रचारक हूँ

वही हमसे बातचीत के दौरान कम्बल वाले बाबा ने आज यह खुलासा कर दिया है की वो पूर्णतः भाजपा के साथ है.. उन्होंने कहा की वो 28 वर्षो से बीजेपी के प्रचारक है.. भाजपा शासित राज्य के जिस तंत्र ने उनके शिविर पर प्रतिबन्ध लगाया है उसी भाजपा पर बाबा आज भी मेहरबान है वो इसे डाक्टरों की चाल बता रहे है.. बाबा ने बताया की उनके यज्ञ स्थल को भी उन्होंने भगवा स्वरुप दिया है क्योकी वो भाजपा के प्रचारक है..

पहले मंदिर बंद कराये.. वहां पत्थर की मूर्ती है भगवान कहाँ दिखता है..?

वही कम्बल बाबा ने फटाफट न्यूज से एक और बड़ी बात कही है.. बाबा ने अंध श्रद्धा उन्मूलन के द्वारा उनकी शिकायत किये जाने पर संस्था पर निशाना साधते हुए कहा की लोग करोडो की मंदिर में जाते है जहाँ पत्थर की मूर्ती में भी उनकी आस्था होती है.. वहां भगवान कहा दिखता है.? इसी प्रकार उनमे लोगो की आस्था है तो लोग आते है.. बाबा ने कहा की जाएँ पहले मन्दिर बंद कराये..

मरीज भी मिला जो पूरी तरह स्वस्थ है

इस दौरान हमें अर्जुन विश्वकर्मा नामक एक शख्स मिले जिनका दावा है की मात्र तीन मुलाक़ात में बाबा ने उनका सुगर कंट्रोल कर दिया है.. अर्जुन बताते है की बाबा से इलाज कराने के बाद जब वो अपना सुगर चेक कराये तो बिल्कुल नार्मल था और अब वो स्वस्थ महसूस करते है..

बहरहाल बाबा का साफ़ कहना है की वो कोई अंध विश्वास नहीं फैला रहे है.. उनसे लोगो को आराम मिलता है इसलिए लोग उनके पास आते है..और इस काम से वो कोई लाभ अर्जित नही करते है.. इस क्षेत्र में बाबा ने लोगो की जीवन को सुधारने का प्रयास शुरू किया है वो चाहते है की लोग.. बकरा, मुर्गा, शराब और बेकारी का जीवन छोड़ कर शिक्षित बने वो हमेशा अपने शिविरों में लोगो को पढने की सलाह देते है..