रायपुर। गरीबों की छत छीनने और शासकीय योजनाओं में सेंधमारी करने वालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा प्रहार किया है। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना में विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के परिवारों से ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां मकान बनाने का झांसा देकर 9 हितग्राहियों से कुल 5.09 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। इस धोखाधड़ी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर दोनों आरोपी ठेकेदारों के खिलाफ अलग-अलग थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
गड़बड़ी का पहला मामला ग्राम पंचायत राजाढ़ार से जुड़ा है, जहां ठेकेदार कुमार मेरावी ने पांच गरीब हितग्राहियों कौशिल्या बाई (₹80,000), देवसिंह, मंधोर बाई, पुसीया बाई और ननकी बाई (प्रत्येक से ₹60,000) से कुल 3.20 लाख रुपये लिए। करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी जब निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और राशि भी नहीं लौटाई गई, तब पीड़ितों ने लिखित शिकायत दी। इसके आधार पर चिल्फी थाने में आरोपी ठेकेदार के विरुद्ध धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं दूसरा मामला ग्राम पंचायत आमानारा का है, जहां ठेकेदार तुमेश गोड़ ने बैसाखू बैगा (₹64,000), सुकोर बाई (₹60,000), सोनिया बाई (₹45,000) और रनो बाई (₹20,000) से कुल 1.89 लाख रुपये वसूले। इस मामले में तरेगांव जंगल थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री आवास योजना मात्र ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि वंचित परिवारों को सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और स्थायित्व देने का माध्यम है। विशेषकर दूरस्थ वनांचलों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए स्वीकृत राशि में हेराफेरी, लापरवाही या शोषण करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
