बीजापुर। बीजापुर जिले के आवापल्ली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्कूल निर्माण रुकवाने के लिए नक्सलियों के नाम पर फर्जी पर्चे फेंककर दहशत फैलाने की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ग्राम मुरदण्डा में सड़क किनारे ‘लाल सलाम’ लिखे धमकी भरे पर्चे फेंकने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपितों संदीप मड़कम और नागेश बोड़के को गिरफ्तार कर लिया है।
बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमन कुमार झा के अनुसार, 7 अक्टूबर को मुरदण्डा से कमारगुड़ा मार्ग पर स्कूल नहीं बनाने और अंजाम भुगतने की धमकी वाले पर्चे बरामद हुए थे। यह पत्र स्थानीय सरपंच के नाम जारी किया गया था। सरपंच की सूचना पर पुलिस ने जब मामले की गहन जांच की, तो पूरा मामला भूमि विवाद से जुड़ा निकला।
जांच में सामने आया कि स्कूल भवन के लिए चिह्नित सरकारी जमीन पर आरोपित संदीप मड़कम का पिछले पांच वर्षों से अवैध कब्जा था। जून 2026 में राजस्व विभाग (तहसीलदार) द्वारा सीमांकन कर अवैध कब्जा हटवाया गया और वहां स्कूल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई गई थी। इसी निर्माण कार्य को बाधित करने और जमीन पर पुन: कब्जा पाने की नीयत से संदीप ने अपने साथी नागेश बोड़के के साथ मिलकर नक्सलवाद की आड़ ली। दोनों ने मिलकर गांव के सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीणों में दहशत पैदा करने के उद्देश्य से ये धमकी भरे पर्चे तैयार कर रास्ते पर फेंके थे।
पुलिस ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ विशेष जनसुरक्षा अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नक्सलवाद के नाम पर भय का वातावरण बनाने या शासकीय विकास कार्यों में बाधा डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या पर्चे मिलने पर घबराने के बजाय सीधे पुलिस को सूचित करें।
