रायपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। आंदोलन और प्रदर्शन पर डटे अतिथि शिक्षकों को शासन की ओर से सख्त अल्टीमेटम जारी किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षकों को हर हाल में 27 जुलाई तक अपने-अपने कर्तव्यों पर लौटने के लिए पाबंद किया जाए। निर्धारित समय सीमा तक काम पर वापस न आने वाले शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी।
स्कूल शिक्षा विभाग का यह कड़ा फैसला नए सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए लिया गया है। शासन ने शाला प्रबंध समितियों के माध्यम से सभी प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षकों को सूचित करने के निर्देश दिए हैं ताकि समय रहते व्यवस्था को सुधारा जा सके। इसके साथ ही, विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि यदि कोई शिक्षक तय सीमा तक वापस नहीं लौटता है, तो छात्रों का नुकसान रोकने के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। सरकार का स्पष्ट मानना है कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में पढ़ाई बाधित होना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
