कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने सरेआम एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाले खूनी खेल को अंजाम दिया है। सोनहत थाना क्षेत्र के नवगई गांव में मंगलवार रात करीब 30 से अधिक हमलावरों ने बीजेपी के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष व शिक्षक भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार को घेरकर उसे आग के हवाले कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड में वाहन के भीतर ही जिंदा जलने से लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे उनके एक साथी ने अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, दो अन्य घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल रायपुर रेफर किया गया है।
यह पूरी वारदात मंगलवार रात करीब 11 बजे की है, जब भरत सिंह अपने साथियों के साथ दो कारों में सवार होकर नवगई गांव पहुंचे थे। घात लगाए बैठे हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में पहले एक टिपर (भारी वाहन) से उनकी फॉर्च्यूनर कार को कई बार जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के दरवाजे बुरी तरह जाम हो गए और अंदर बैठे लोग चाहकर भी बाहर नहीं निकल सके। इसके तुरंत बाद आरोपियों ने वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस दौरान जो लोग जान बचाने के लिए कार के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, बाहर खड़ी हिंसक भीड़ ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के पीछे रेत के अवैध कारोबार की रंजिश सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम को मृतक और उनके साथियों का विवाद अघोषित रेत ठेकेदार मनोज त्रिपाठी और उसके गुर्गों से हुआ था, जिसकी शिकायत थाने तक भी पहुंची थी। इसी विवाद का बदला लेने के लिए मनोज त्रिपाठी, उसके बेटों और करीब 30 साथियों ने रात में इस खूनी साजिश को अंजाम दिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी आधी रात को ही भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
