रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मचे घमासान ने अब एक नया सियासी मोड़ ले लिया है। प्रदेश अध्यक्ष (PCC चीफ) की कुर्सी को लेकर पार्टी के भीतर जारी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के बयानों ने सूबे की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है। एक तरफ जहां भूपेश बघेल ने अंदरूनी कलह से दूरी बनाते हुए गेंद हाईकमान के पाले में डाल दी है, वहीं अजय चंद्राकर ने इस बहाने कांग्रेस पर तीखा वैचारिक हमला बोला है।
राजधानी रायपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी और बयानों पर खुलकर बात की। जब उनसे प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव (बाबा साहब) के हालिया बयानों पर सवाल पूछा गया, तो बघेल ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा “प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का फैसला पूरी तरह से हाईकमान का विषय है। मैं इस पर अपनी कोई व्यक्तिगत राय नहीं देता।”
सिंहदेव के बयानों पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार करते हुए भूपेश बघेल ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दीपक बैज पिछले साढ़े तीन साल से मजबूती से कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं और पूरी पार्टी एकजुट होकर उनके नेतृत्व में काम कर रही है। इसके साथ ही बघेल ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि देश में इस वक्त ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे हालात बने हुए हैं।
भूपेश बघेल के इस रुख और कांग्रेस की अंदरूनी बयानबाजी पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर ने जोरदार पलटवार किया है। चंद्राकर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का एकमात्र मिशन अपने ही वरिष्ठ नेताओं को अपमानित करना रह गया है।
अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए सवाल उठाया, “एक तरफ दीपक बैज लगातार बयान दे रहे हैं, तो वो किसके सहारे बोल रहे हैं? दूसरी तरफ भूपेश बघेल कह रहे हैं कि मैं इस पर कोई बयान नहीं दूंगा। यह कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी को साफ दर्शाता है।”
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का पक्ष लेते हुए चंद्राकर ने उन्हें एक बड़ी सलाह दे डाली। चंद्राकर ने कहा “मैं तो यही सलाह दूंगा कि बाबा साहब (टीएस सिंहदेव) को अब कांग्रेस छोड़ देनी चाहिए। ऐसे लोगों के हाथों बार-बार अपमानित होना किसी भी स्वाभिमानी या साध्विक जीवन जीने वाले व्यक्ति के लिए सही नहीं है। कांग्रेस का तो मिशन ही बाबा साहब को अपमानित करना बन चुका है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भूपेश बघेल का यह बयान जहां कांग्रेस के भीतर खुद को विवादों से दूर रखने और दीपक बैज के बहाने अपनी स्थिति मजबूत रखने की कवायद है, वहीं भाजपा इस मौके को गंवाना नहीं चाहती। अजय चंद्राकर ने सीधे टीएस सिंहदेव के अपमान का मुद्दा उठाकर कांग्रेस की अंदरूनी दरार को और चौड़ा करने का दांव खेला है। अब देखना यह है कि दिल्ली दरबार (हाईकमान) छत्तीसगढ़ कांग्रेस के इस घमासान पर क्या फैसला लेता है।
