बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)..जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना में ठेकेदार और विभागीय अधिकारी जमकर पलीता लगा रहे है, जिससे सरकार की मंशा पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है और धरातल में यह योजना महज एक नाम ही साबित हो रही है.
जिले में कुसमी विकासखंड में चटनियां गांव से कछवा तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 5 किलोमीटर की पक्की सड़क बननी थी. सड़क की लागत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये थी. जिसके लिए PMGSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) की राजपुर इकाई को निर्माण एजेंसी बनाया गया था. जिसका उद्देश्य था कि विशेष पिछड़ी जनजाति वाली बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जा सके. ताकि दूर-दराज वाले क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो, सड़क के रास्ते ही गांवों में सरकार की अन्य योजनाएं भी आसानी से पहुँच सके.

लेकिन सड़क निर्माण का काम करने वाले ठेकेदार एल.एसी. कटरे के द्वारा सड़क निर्माण का नागरिक सूचना बोर्ड करीब डेढ़ साल पहले लगा कर छोड़ दिया गया है..जो अब धराशाई भी होने लगा है, लेकिन सड़क निर्माण की तय समय-सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी अभी तक सड़क निर्माण का काम शुरू नही हो पाया है. गांव में पक्की सड़क नही पहुंचने से ग्रामीणो को बरसात के दिनों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
इधर हैरानी की बात तो यह है कि जिस रास्ते मे पक्की सड़क बननी थी. उसी रास्ते मे ग्राम पंचायत द्वारा करीब डेढ़ साल पहले 100 मीटर सीसी रोड का निर्माण करवाया गया था. जिसे पीएमजीएसवाय के ठेकेदार ने जेसीबी मशीन से उखाड़ दिया था. लेकिन डेढ़ साल बाद भी ठेकेदार द्वारा अभी तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नही किया है.
जिले के सामरी विधानसभा क्षेत्र के तीन विकासखंड में एक ही ठेकेदार को PM जनमन योजना से बनने वाली सड़को का टेंडर दिया मिला है. और यही वजह है कि सड़क निर्माण में लगातार शिकायते भी आ रही है. निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे है. लेकिन जिम्मेदार अधिकारी के साथ क्षेत्र के विधायक और सांसद आंख मूंद कर तमाशबीन बने हुए है. जो समझ से परे है.
बहरहाल, जनमन की सड़क को लेकर सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज से सवाल किया गया, तो उन्होंने लापरवाही करने वालो पर कार्यवाही की बात तो कही है. लेकिन इसके पहले हुई शिकायतों के नतीजों से कार्यवाही की उम्मीद दूर दूर तक नजर नही आ रही है.
