अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवरी के 11 पहाड़ी कोरवा बच्चों की जिंदगी में एक नई सुबह की शुरुआत हुई है। जो नन्हें हाथ बलरामपुर जिले में मजदूरी करने को मजबूर थे, वे अब बस्ते उठाकर स्कूल की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग की त्वरित पहल से इन सभी बच्चों को न सिर्फ सुरक्षित घर वापस लाया गया, बल्कि उनका दाखिला स्थानीय विद्यालय में कराकर सीधे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, देवरी गांव के ये बच्चे काम के सिलसिले में बलरामपुर चले गए थे। जैसे ही इस बात की भनक प्रशासन को लगी, संबंधित विभागों ने सक्रियता दिखाते हुए एक संयुक्त अभियान चलाया और बच्चों को सकुशल उनके गांव पहुंचाया। इसके तुरंत बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (ABEO), बीआरसी और सीएसी की टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी 11 बच्चों का स्कूल में औपचारिक प्रवेश सुनिश्चित कराया।
अब ये सभी बच्चे नियमित रूप से यूनिफॉर्म पहनकर बस्ते के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं। बच्चों को काम के दलदल से निकालकर किताबों की दुनिया में लौटते देख उनके माता-पिता और ग्रामीणों के चेहरों पर सुकून और खुशी साफ देखी जा सकती है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इन बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे और भविष्य में कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी या जानकारी के अभाव में शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
