बलरामपुर। रामानुजगंज में रविवार देर शाम कन्हर नदी पार करते समय तेज बहाव में बहे एक 25 वर्षीय युवक को पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त अभियान चलाकर सुरक्षित बचा लिया। युवक बीच नदी में एक विशाल पत्थर के सहारे फंसा हुआ था। अंधेरा और पानी का तेज प्रवाह होने के बावजूद रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड के भंडरिया निवासी मनोज मांझी बलरामपुर जिले के पुरानडीह में अपने एक रिश्तेदार के घर आया था। रविवार को वह सीमावर्ती गोदरमाना स्थित साप्ताहिक बाजार गया था। देर शाम घर लौटते समय उसने मुख्य पुल से जाने के बजाय कन्हर नदी के एनीकट से शॉर्टकट पार करने का जोखिम उठाया। इसी दौरान काई और फिसलन के चलते उसका पैर फिसल गया और वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी के तेज बहाव में बह गया।
कुछ दूरी तक बहने के बाद मनोज नदी के बीच स्थित एक पत्थर पर अटक गया और उसने मदद के लिए चीख-पुकार शुरू की। अंधेरे में उसकी आवाज सुनकर तट पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मामले की सूचना रामानुजगंज पुलिस को दी। खबर मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र सोनी दल-बल के साथ पहुंचे। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी बचाव दल का हौसला बढ़ाने मौके पर पहुंच गए।
पुलिस जवानों और स्थानीय गोताखोर ग्रामीणों ने रस्सियों के सहारे नदी के तेज बहाव में उतरकर जोखिम भरा बचाव अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम युवक तक पहुंची और उसे सुरक्षित तट पर ले आई। रेस्क्यू के फौरन बाद पुलिस वाहन से उसे रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। स्थानीय प्रशासन ने नदी पार करते समय एनीकट जैसे खतरनाक रास्तों के बजाय पक्के पुल का ही उपयोग करने की अपील की है।
