सीतापुर/अनिल उपाध्याय। अज्ञात कारणों से नाबालिग छात्र ने घर मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है एवं माता पिता का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
उक्त घटना नगर के महामाया पारा वार्ड क्र-10 की है।शुक्रवार रात लगभग 3 बजे नाबालिग छात्र ने अज्ञात कारणों से घर के पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी।सुबह काफी देर बाद भी जब बच्चा अपने कमरे से बाहर नही निकला तब माता पिता उसे देखने उसके कमरे में गये।कमरे में बच्चे को न पाकर वो भागते हुए प्रथम मंजिल पर बने कमरे में उसे तलाशने गये।इस दौरान उन्होंने जैसे ही ऊपर में बंद कमरे का दरवाजा खोला उनके होश उड़ गये।उनका बच्चा कमरे में गले में फांसी का फंदा बनाकर पंखे से लटका मिला।जिसे आनन फानन में लेकर माता पिता हॉस्पिटल पहुँचे जहाँ चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।यह सुनते ही हॉस्पिटल में कोहराम मच गया।
माँ की हालत मानसिक रूप से बिगड़ गई और पिता का रो रोकर बुरा हाल हो गया।मृतक सर्राफा व्यवसायी धीरज सोनी के तीन बच्चों में सबसे छोटा बच्चा था और स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 12वी की पढ़ाई कर रहा था।उसके बड़े भाई और बहन राजस्थान के कोटा में रहकर आईआईटी एवं नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे है।इस घटना से घर में मातम छा गया है और परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है।इस बीच एसडीओपी टी एस पट्टावी एवं थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल घटनास्थल का निरीक्षण करने मृतक के घर पहुँचे।
जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ छात्र के कमरे का एवं घटनास्थल वाले कमरे का बारीकी से मुआयना किया।ताकि कोई सबूत हाथ लग जाये जिससे आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके पर कोई सुराग उनके हाथ नहीं लगा।इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया है एवं आत्महत्या के कारणों की जांच में जुट गई है।
पिछले माह हुए एक घटना से छात्र मानसिक रूप से परेशान था
पिछले माह 23 सितंबर को छात्र अपने साथ हुए अमानवीय व्यवहार से काफी क्षुब्ध था और मानसिक रूप से परेशान रहता था।इस संबंध में मिली जानकारी अनुसार पिछले महीने सीनियर छात्रों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी और कपड़े उतारकर उसे मारते हुए प्रताड़ित करने का एक वीडियो बनाया था।यह बात जब घरवालों को पता चला तो उन्होंने इस घटना के विरोध में थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दिया था।जिसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य कई धाराओं में सीनियर छात्रों को गिरफ्तार किया था जो आज जेल की हवा खा रहे हैं।अपने साथ हुए इस घटना के बाद से बच्चा काफी डरा सहमा रहने लगा था और अंदर ही अंदर उसे ये घटना काफी कचोट रही थी।नाबालिग छात्र अपने साथ हुए घटना से उबर नहीं पा रहा था और आखिरकार उसने अवसाद में आकर अपनी जान दे दी।
विधायक पहुँचे हॉस्पिटल, शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस
नाबालिग छात्र द्वारा आत्महत्या की दुखद खबर पाते ही विधायक रामकुमार टोप्पो हॉस्पिटल पहुँचे।इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और मौके पर मौजूद चिकित्सक एवं थाना प्रभारी को आवश्यक दिशानिर्देश दिये।
