बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक दंतैल हाथी ने हमला करके एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और वन विभाग ने आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में हाई अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को बेहद सतर्क रहने की हिदायत दी है।
यह दुखद घटना रविवार, 24 मई की रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच की है। बारनवापारा अभयारण्य के अंतर्गत आने वाले ग्राम दोंद में रहने वाले 55 वर्षीय जहरु राम नेताम पर अचानक एक दंतैल हाथी ने हमला कर दिया। हाथी का हमला इतना भीषण था कि जहरु राम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी पिछले कुछ दिनों से मुरुमडीह क्षेत्र के आसपास लगातार मंडरा रहा था और खेतों व खलिहानों की तरफ उसकी आवाजाही देखी जा रही थी। रविवार को जब हाथी ग्राम दोंद की ओर बढ़ा, तो वन विभाग की टीम, हाथी मित्र दल और स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसे आबादी वाले क्षेत्र से खदेड़कर जंगल की ओर ट्रैक किया था, लेकिन इसके बाद हाथी खलिहानों के रास्ते पहाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ गया और यह हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। विभाग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक जहरु राम के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में 25,000 रुपये की राशि सौंप दी है, जबकि शासन के नियमों के तहत मिलने वाली बाकी मुआवजा राशि भी जल्द ही प्रदान की जाएगी। फिलहाल वन विभाग की टीमें लगातार इस दंतैल हाथी की लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं।
हाथी की आक्रामक मौजूदगी और उसकी संभावित आवाजाही को देखते हुए वन विभाग बेहद गंभीर है। ऐहतियात के तौर पर ग्राम मुड़पार, दोंद, सुरबाय, पांडादाह, गुढ़ागढ़, भिभौरी, बफरा, बार और हरदी सहित तमाम सीमावर्ती गांवों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वन विभाग और हाथी मित्र दल के सदस्य लगातार इन गांवों में गश्त कर रहे हैं और लाउडस्पीकर (मुनादी) व आधुनिक अलर्ट सिस्टम के जरिए ग्रामीणों को हाथी की हर हलचल से पल-पल अपडेट रख रहे हैं।
इस संवेदनशील स्थिति को लेकर बलौदाबाजार के वनमण्डलाधिकारी (DFO) धम्मशील गणवीर ने ग्रामीणों से सीधे तौर पर धैर्य और सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और हाथी मित्र दल मुस्तैदी से डटे हुए हैं और हर जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में हिदायत दी है कि कोई भी ग्रामीण हाथी दिखने पर उसे उकसाने, पत्थर मारने या उसके करीब जाकर सेल्फी लेने जैसी लापरवाही बिल्कुल न करे। आपात स्थिति में तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें और किसी भी हाल में अकेले जंगल या हाथी प्रभावित इलाकों की तरफ न जाएं, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
