– 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण में भेदभाव का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री और मंत्रियों को काले झंडे दिखाने की तैयारी, पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बुधवार, 14 अक्टूबर को शिवरीनारायण प्रवास से पहले जांजगीर-चांपा जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के शिवरीनारायण में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने से पहले पुलिस द्वारा कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह पामगढ़ और जांजगीर पुलिस ने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-7 की सदस्य प्रीति अजय दिव्य समेत चार जिला पंचायत सदस्यों को हाउस अरेस्ट किया।
बताया जा रहा है कि जिला पंचायत सदस्यों ने 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और मंत्रियों को काले झंडे दिखाने की तैयारी की थी। इसी संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
वित्त आयोग की राशि के वितरण में भेदभाव का आरोप
जिला पंचायत सदस्यों की नाराजगी का प्रमुख कारण 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण को लेकर बताया जा रहा है। सदस्यों का आरोप है कि जिला पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित करने में भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि का वितरण समान और पारदर्शी तरीके से नहीं किया जाता, तो इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर पड़ सकता है।
इसी मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी की गई थी। मुख्यमंत्री के जिले में आगमन के दौरान काले झंडे दिखाकर अपनी नाराजगी जाहिर करने की योजना बताई जा रही है। हालांकि, संबंधित सदस्यों की ओर से इस मामले में विस्तृत बयान सामने आने पर ही उनके आरोपों और मांगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पुलिस अलर्ट
मुख्यमंत्री के शिवरीनारायण प्रवास को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क नजर आया। संभावित विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पामगढ़ और जांजगीर पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है। चार जिला पंचायत सदस्यों को हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर सामने आने के बाद जिले की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
एक ओर मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं, तो दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब सवाल यह है कि जिला पंचायत सदस्यों की ओर से उठाए गए वित्तीय आवंटन में कथित भेदभाव के मुद्दे पर प्रशासन क्या जवाब देता है और क्या उनकी शिकायतों का निराकरण किया जाएगा?
जिला पंचायत सदस्यों को हाउस अरेस्ट करना अनुचित
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शिवरीनारायण दौरे से पहले कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्यों को हाउस अरेस्ट किए जाने पर जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने इसे अनुचित बताया। मीडिया से चर्चा के दौरान विधायक ने जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर अपनी बात रखी। 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण में कथित भेदभाव को लेकर विरोध की तैयारी के बीच हुई इस कार्रवाई ने जिले की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
