कोरबा। छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी कोरबा स्थित ऐतिहासिक सर्वमंगला मंदिर में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से ही आस्था, श्रद्धा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। घटस्थापना के साथ ही माता के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपूर्ण परिसर भक्तिमय रस में सराबोर हो गया है। इस पावन अवसर पर मंदिर के विशाल गर्भगृह में 12,106 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं, जो रात-दिन माता के दरबार को अलौकिक आभा से जगमग कर रहे हैं।
मंदिर के राजपुरोहित नन्हा पांडे के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं ने रिकॉर्ड संख्या में दीप प्रज्वलित कराए हैं। इनमें 11,000 तेल के ज्योति कलश और 1,100 देशी घी के दीप शामिल हैं। बाकी शेष दीप अन्य संकल्पों के तहत स्थापित किए गए हैं। सुबह के ब्रह्म मुहूर्त से ही शुरू हुआ दर्शनार्थियों का तांता देर शाम तक कतारबद्ध होकर चल रहा है, जहां भक्त परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना के साथ माता सर्वमंगला के चरणों में शीश नवा रहे हैं।
माता सर्वमंगला के प्रति श्रद्धा की गूंज केवल छत्तीसगढ़ या देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सात समंदर पार भी इसका गहरा प्रभाव दिख रहा है। विदेशी धरती पर बसे भारतीय मूल के भक्तों ने भी अपनी आस्था दर्ज कराते हुए मनोकामना ज्योति कलश स्थापित करवाए हैं। इनमें कनाडा से तीन तथा सिंगापुर, अमेरिका और लंदन से एक-एक ज्योति कलश शामिल हैं। विदेशी भक्तों द्वारा कराई गई यह दीप-स्थापना इस सिद्ध पीठ की वैश्विक मान्यता और अटूट जनविश्वास को रेखांकित करती है। आगामी नौ दिनों तक मंदिर प्रांगण में अनुष्ठानों, महाआरती और भक्तों के आगमन का यह क्रम निरंतर उत्साह के साथ जारी रहेगा।
