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जगदलपुर। चक्रवाती तूफान के बाद हुए भारी भूस्खलन के चलते बस्तर के बैलाडीला से विशाखापट्टनम को जोड़ने वाला रेल मार्ग बीते 13 दिनों से पूरी तरह ठप पड़ा है। 24 सितंबर से इस रूट पर यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही भी पूरी तरह बंद है। रेलवे द्वारा ट्रैक बहाली को लेकर स्थिति स्पष्ट न किए जाने से जगदलपुर रेलवे स्टेशन वीरान पड़ा है। इसका सीधा दोहरा असर अब नवरात्रि के पावन पर्व पर मां दंतेश्वरी के दर्शन को पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं और क्षेत्र के औद्योगिक लौह अयस्क परिवहन पर साफ देखा जा सकता है।
प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्रि और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के पावन अवसर पर ओडिशा और बस्तर अंचल के दूर-दराज इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पदयात्रा कर मां दंतेश्वरी के दरबार में हाजिरी लगाने दंतेवाड़ा पहुंचते हैं। दर्शन के उपरांत घर वापसी के लिए रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली नवरात्रि स्पेशल ट्रेन इन पदयात्रियों और आम नागरिकों के लिए सबसे सस्ता, सुरक्षित और सुगम साधन साबित होती रही है। इस बार मार्ग बहाली पर संशय के बादल मंडराने से स्पेशल ट्रेन के संचालन पर संकट खड़ा हो गया है, जिसके चलते श्रद्धालुओं को निजी वाहनों और बसों के महंगे व सीमित विकल्पों पर निर्भर रहने की मजबूरी झेलनी पड़ सकती है।
यात्री संकट के साथ ही इस रेल मार्ग के बाधित होने से देश के औद्योगिक क्षेत्र को भी भारी आर्थिक चोट पहुंच रही है। बैलाडीला की एनएमडीसी खदानों से रोजाना लगभग 15 रैक उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क विशाखापट्टनम भेजा जाता था, जो 24 सितंबर से पूरी तरह रुका हुआ है। दंतेवाड़ा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ियां जस की तस खड़ी हैं और परिवहन रुकने से प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
