अम्बिकापुर। सरगुजा संभाग में हवाई कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। एलायंस एयर ने रायपुर से अम्बिकापुर होते हुए वाराणसी तक नई उड़ान शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को विंटर शेड्यूल (शीतकालीन समय सारणी) का प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक इस रूट पर सप्ताह में दो दिन उड़ान संचालित की जा सकती है। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन रायपुर-अम्बिकापुर रूट को रांची अथवा पटना से जोड़ने की भी तैयारी चल रही है। हालांकि, विंटर शेड्यूल को डीजीसीए की औपचारिक मंज़ूरी मिलने के बाद ही टिकट बुकिंग और समय की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
नई उड़ानों की इस सुखद सुगबुगाहट के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रूट को लेकर चिंता भी सामने आ रही है। चर्चा है कि शीतकालीन शेड्यूल में बिलासपुर-अम्बिकापुर-दिल्ली उड़ान के फेरे सप्ताह में दो दिन (सोमवार और बुधवार) से घटाकर महज़ एक दिन किए जा सकते हैं। इस आशंका के पीछे नए रूटों के समायोजन को कारण माना जा रहा है। इसी बात को लेकर लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। विधायक ने मांग की है कि दिल्ली की उड़ान घटाने के बजाय इसे सप्ताह में चार दिन संचालित किया जाए, क्योंकि इस रूट पर लगातार पर्याप्त यात्री मिल रहे हैं और फेरे बढ़ने से ही अंचल के लोगों को राजधानी से त्वरित संपर्क का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
गौरतलब है कि अम्बिकापुर से करीब 12 किलोमीटर दूर दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। शुरुआत में 19 सीटर विमान से रायपुर-बिलासपुर सेवा शुरू हुई थी, जो अनियमितता और यात्रियों की कमी के चलते बंद हो गई। बाद में एलायंस एयर ने दिल्ली के साथ कोलकाता के लिए भी सेवा शुरू की थी, लेकिन यात्री न मिलने से कोलकाता रूट बंद कर दिया गया। अब कोलकाता के विकल्प के तौर पर वाराणसी, रांची और पटना जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने की कवायद हो रही है।
इधर, एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अभी तक नई व्यवस्था को लेकर कोई लिखित निर्देश नहीं मिला है। मां महामाया एयरपोर्ट के निदेशक सुशील श्रीवास्तव के अनुसार वर्तमान में दिल्ली की उड़ान तय रोस्टर के तहत सप्ताह में दो दिन संचालित हो रही है। एलायंस एयर द्वारा नए शहरों के लिए पहल करने की चर्चा ज़रूर है, लेकिन जब तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से विंटर शेड्यूल को अंतिम स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक किसी भी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।
