अम्बिकापुर। सरगुजा कलेक्टर के कड़े निर्देश पर बुधवार को प्रशासनिक टीम ने उदयपुर स्थित सूरज भारत गैस एजेंसी के गोदाम पर औचक छापेमारी कर उसे सील कर दिया। जांच दल को चकमा देने के इरादे से 214 खाली सिलेंडरों के बीच 42 भरे हुए सिलेंडर छिपाकर रखे गए थे, जिनकी सील पहले से टूटी हुई थी। मौके पर जब इनका वजन कराया गया, तो 11 सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से 5 से 10 किलोग्राम तक गैस कम पाई गई। इसके साथ ही गोदाम में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर मिला। परिसर से दूसरी कंपनी (इंडेन) के 32 खाली सिलेंडर भी बरामद किए गए हैं, जिनके अवैध भंडारण को लेकर जांच की जा रही है। मौके से सबूत के तौर पर सिलेंडरों के टूटे ढक्कन और रैपर जब्त किए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ उपभोक्ताओं का भारी आक्रोश सामने आया। स्थानीय ग्राहकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि एजेंसी संचालक द्वारा उनके साथ लगातार गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी जाती रही हैं, जिसकी शिकायतें पूर्व में थाने में भी दर्ज कराई जा चुकी हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि टंकी नंबर का मिलान न होने का बहाना बनाकर रिफिलिंग रोक दी जाती थी और गैस देने के बदले अवैध वसूली की जाती थी। वहीं, घरेलू सिलेंडरों को खुलेआम 2,000 से 3,000 रुपये में ब्लैक में बेचने, केवाईसी के नाम पर डिलीवरी ओटीपी लेकर गैस न देने और होम डिलीवरी न देकर अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायतें भी अधिकारियों के सामने रखी गईं।
सहायक खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव, खाद्य निरीक्षक सतपाल सिंह, राजन कश्यप, नवीन सिंह, अनिमा भगत सहित जांच दल ने झिरमिटी ग्राम पंचायत के सरपंच चंदन एक्का, रामनगर सरपंच प्रदीप मरकाम और दर्जनों पीड़ित उपभोक्ताओं की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर गोदाम को सील कर दिया। इसके बाद उदयपुर ग्राम पंचायत भवन में सभी शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए गए। संचालक द्वारा अन्य गुप्त ठिकानों पर भी सिलेंडरों के अवैध भंडारण की सूचना मिली है, जिसकी पड़ताल के लिए विशेष टीम रवाना की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब्त सामग्री, स्टॉक अंतर और उपभोक्ताओं के बयानों के आधार पर गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
