धमतरी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक और संदर्भहीन वीडियो साझा करने के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। कुरुद विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर नेहा राठौर और कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में मानहानि का परिवाद दायर करने की विधिक प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में मंगलवार दोपहर लगभग 12:30 बजे वे अपने अधिवक्ताओं के साथ धमतरी न्यायालय पहुंचे और आवश्यक कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत किए।
पूरा विवाद 15 अगस्त के कार्यक्रम से जुड़ा है, जब इंटरनेट मीडिया पर एक पुराना वीडियो साझा कर यह सनसनीखेज दावा किया गया कि पूर्व मंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की जगह भारतीय जनता पार्टी का ध्वज फहराया। चंद्राकर ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित वीडियो स्वतंत्रता दिवस का है ही नहीं, बल्कि 22 मार्च को कुरुद में संपन्न हुए भाजपा के एक आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का है। राजनीतिक दुर्भावना के चलते पुराने वीडियो को अलग तिथि और गलत संदर्भ के साथ जोड़कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। इससे पहले इस मामले में पुलिस में भी विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिसिया कार्रवाई जारी है।
न्यायालयीन कदम उठाने के संदर्भ में अजय चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता असीमित नहीं है; इसके साथ तथ्यों की शुचिता और जवाबदेही भी उतनी ही अनिवार्य है। किसी जनप्रतिनिधि की सार्वजनिक प्रतिष्ठा को जानबूझकर संदर्भहीन वीडियो के जरिए चोट पहुंचाना अनैतिक और गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है और न्यायालय में साक्ष्यों व तथ्यों के आधार पर सच सामने आएगा।
