बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)..जिले में एक के बाद एक झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है..प्रशासन की टीम ने पहले राजपुर फिर बलरामपुर ब्लॉक में अवैध क्लिनिक सील कर दिया है..बता दे की आज प्रशासन ने जवाहरनगर में अवैध रूप से अपसेस्प ईएचपी क्लिनिक,दामोदरनगर (तातापानी) में पेशे से सरकारी स्कूल में शिक्षक प्रदीप कुमार दास के द्वारा संचालित अवैध क्लिनिक को सील कर दिया है..वही प्रशासन की टीम को अवैध क्लिनिको में एक्सपायरी डेट की दवाएं भी मिली है!.
दरअसल हाल ही के दिनों में जमुआटांड गांव के 3 वर्षीय बालक की झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मौत हो गई थी..जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया था..कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के फटकार के बाद स्वास्थ्य विभाग,राजस्व और पुलिस की टीमों के साथ अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों में दबिश दे रही है!.
सब से अहम बात यह है की जब स्वास्थ्य विभाग को गांव – गांव में संचालित झोलाछाप डॉक्टरों की चलती-फिरती दुकान का अंदाजा था..तो स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही क्यों सख्ती नहीं दिखाई..या फिर उसे किसी अनहोनी के बाद उसे याद आया की कार्यवाही करनी है!.
पेशे से शिक्षक की अवैध क्लिनिक मिलने के बाद मामला अब और भी गंभीर हो गया है..और पड़ताल करने की आवश्यकता है की और कई ऐसे सरकारी मुलाजिम है जो इस तरह के अवैध कारोबार में लिप्त है!.
सबसे बड़ा सवाल तो यह है की जो स्वास्थ्य विभाग अपने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की दावे करते नहीं थकता ..अगर वही स्वास्थ्य विभाग चाहता था..तो अपने मैदानी अमले से अबतक खाक छानकर रख देता..लेकिन विभाग के सीएमएचओ और बीएमओ की इच्छा शक्ति होती तो पिछले साल ही स्वास्थ्य विभाग अवैध क्लिनिको पर शिकंजा कस कर रख देता..लेकिन दुर्भाग्य की ऐसा हो ना सका!.
