जांजगीर-चांपा। जिला शिक्षा कार्यालय में छात्र के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) पर जिला शिक्षा अधिकारी के नाम से कथित फर्जी काउंटर साइन और सील लगाए जाने का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में कार्यालय के एक बाबू और चपरासी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार पुणे के एक स्कूल से छात्र ट्रांसफर होकर जांजगीर आया था। टीसी पर काउंटर साइन कराने के लिए छात्र अपने अभिभावक के साथ जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि कार्यालय के बाहर ही बाबू और चपरासी की कथित मिलीभगत से जिला शिक्षा अधिकारी के नाम पर लेनदेन कर टीसी पर काउंटर साइन की जगह फर्जी हस्ताक्षर और शासकीय सील लगा दी गई।
मामला तब उजागर हुआ जब छात्र टीसी लेकर संबंधित स्कूल में प्रवेश के लिए पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने जांजगीर जिला शिक्षा कार्यालय से फोन पर काउंटर साइन की पुष्टि करनी चाही। जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि टीसी पर जिला शिक्षा अधिकारी के वास्तविक हस्ताक्षर नहीं थे।
मामला सामने आने के बाद विभाग में खलबली मच गई।
आरोप है कि बदनामी के डर से मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन जानकारी मीडिया तक पहुंचने के बाद संबंधित बाबू और चपरासी को नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है। अब सवाल यह है कि फर्जी हस्ताक्षर और सील का इस्तेमाल किसके कहने पर हुआ और इसके पीछे लेनदेन की वास्तविकता क्या है? मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
