अम्बिकापुर। दिनदहाड़े एक करोड़ रुपये की ज्वेलरी पार हुए पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन सरगुजा पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। पुलिस के इसी टालमटोल रवैये और नाकामी से आक्रोशित सर्राफा व्यापारी एवं व्यापारी संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। प्रशासनिक वादों और खोखले आश्वासनों से उकताए व्यापारियों ने पुलिस थाना परिसर के ठीक बगल में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। व्यापारियों का साफ कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और लूटा गया माल बरामद नहीं होता, उनका यह आंदोलन खत्म नहीं होगा।
इस पूरे जनाक्रोश की नींव बीते 26 जुलाई को पड़ी थी, जब सीतापुर स्थित ‘काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स’ के संचालक अरुण सोनी अपनी दुकान खोल रहे थे। पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार दो बेखौफ उठाईगीरों ने उनकी स्कूटी में टंगा ज्वेलरी से भरा बैग पार कर दिया और पलक झपकते ही नौ दो ग्यारह हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के आभूषण थे। सरेराह हुई इस दुस्साहसिक वारदात से न केवल पूरे नगर में हड़कंप मच गया, बल्कि कानून-व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ गईं। घटना के तुरंत बाद व्यापारियों का गुस्सा फूटा; उन्होंने नगर बंद कराकर चक्काजाम कर दिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
हंगामे के बीच एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लो ने खुद मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला था। उन्होंने व्यापारियों से सीधी वार्ता की, विशेष जांच दल (SIT) के गठन का ऐलान किया और एक सप्ताह के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का लिखित-मौखिक आश्वासन देकर चक्काजाम समाप्त कराया था। इसके बाद व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल आईजी और एसपी से भी मिला, जहां अधिकारियों ने दावा किया कि पुलिस की कई विशेष टीमें अपराधियों की परछाई का पीछा कर रही हैं। व्यापारियों ने खाकी पर भरोसा जताया और शांत होकर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार करने लगे।
लेकिन वक्त बीतने के साथ पुलिस का यह भरोसा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। एक हफ्ता बीतने के बाद जब व्यापारियों को अहसास हुआ कि पुलिस आरोपियों को पकड़ना तो दूर, उनका सुराग तक नहीं लगा सकी है, तो उनका धैर्य जवाब दे गया। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस उनके साथ सिर्फ ‘आंखमिचौली’ का खेल खेल रही थी और आश्वासन की घुट्टी पिलाकर अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रही थी।
अंततः, पूर्व में ही एसडीओपी और थाना प्रभारी को लिखित चेतावनी देने के बाद, व्यापारियों ने थाने के बाजू में ही अनिश्चितकालीन टेंट गाड़ दिया। धरना स्थल पर बैठे व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पूरे गतिरोध और आंदोलन के लिए पूरी तरह से पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। जब तक खाकी अपनी नाकामी मिटाकर ठोस कार्रवाई नहीं दिखाती, व्यापारिक एकजुटता का यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
इसे भी पढ़ें –
छत्तीसगढ़ में मानसून एक्टिव, रायपुर-सरगुजा समेत 28 जिलों में वज्रपात और आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी
ज्ञानदीप बीएड कॉलेज पर फर्जीवाड़े के आरोप, स्कूल भवन में ही चल रहा कॉलेज!
परिवार के साथ जमीन पर सो रहे युवक को करैत सांप ने डसा, अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत
