– छोटे-छोटे प्रयास बने बड़े बदलाव की मिसाल
– मोर गांव मोर पानी अभियान में जनभागीदारी से खेतों में सहेजी जा रही हर बूंद
बलरामपुर। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संचालित जल शक्ति अभियान के अंतर्गत बलरामपुर जिले में जनभागीदारी से मोर गांव मोर पानी अभियान अंतर्गत जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। 5 प्रतिशत मॉडल स्ट्रक्चर अभियान के तहत किसानों द्वारा अपने खेतों में स्वप्रेरणा से बनाए गए 54 हजार 179 से अधिक वर्षा जल संरक्षण मॉडल स्ट्रक्चर अब मानसूनी वर्षा से लबालब भरने लगे हैं, जो अभियान के सकारात्मक परिणामों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
जिले में निर्धारित 63 हजार 800 मॉडल स्ट्रक्चर के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 54 हजार 179 से अधिक संरचनाओं का निर्माण एवं जियो टैगिंग पूर्ण की जा चुकी है। हाल की वर्षा के बाद इन संरचनाओं में पानी का भराव होने से खेतों में वर्षा जल का संरक्षण हो रहा है। इससे पानी का बहाव कम होने के साथ भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिल रहा है तथा खेतों में लंबे समय तक नमी बनाए रखने में भी सहायता मिल रही है।
ये छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं। किसानों द्वारा खेतों में बनाए गए ये छोटे मॉडल स्ट्रक्चर आज हजारों की संख्या में मिलकर जल संरक्षण का एक सशक्त अभियान बन चुके हैं। यही सामूहिक प्रयास भविष्य में जल संकट से निपटने, भू-जल स्तर बढ़ाने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जल संरक्षण जन-जन की जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जिले ने अल्प समय में जो उपलब्धि हासिल की है, वह इस बात का प्रमाण है कि जब समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े और स्थायी बदलाव का आधार बन जाते हैं। यह पहल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य वर्षा जल की अधिकतम मात्रा का स्थानीय स्तर पर संरक्षण कर भविष्य की जल आवश्यकताओं को सुरक्षित करना है। किसानों की सहभागिता और प्रशासन की सतत निगरानी से बलरामपुर जिले में जल शक्ति अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन रहा है।
