बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे भेज दिया है। रघुनाथनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस तेज कार्रवाई की इलाके में सराहना हो रही है।
बलरामपुर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 27 जून की देर रात की है। पीड़ित बच्ची के पिता ने 28 जून को रघुनाथनगर थाने में उपस्थित होकर इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि घटना की रात माता-पिता खाना खाकर अपने कमरे में सो रहे थे। देर रात जब वे पानी पीने के लिए उठे, तो उन्होंने देखा कि उनकी नाबालिग बेटी घर में मौजूद नहीं थी। अनहोनी की आशंका में परिजनों ने रातभर आसपास और संभावित जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला।
अगली सुबह जब पीड़िता किसी तरह वापस घर लौटी, तो उसने रोते हुए अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। पीड़िता ने बताया कि जनकपुर का रहने वाला 23 वर्षीय आरोपी नंदू अगरिया उसे बहला-फुसलाकर घर से दूर पास के एक सुनसान जंगल में ले गया था, जहां उसने उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए रघुनाथनगर थाना प्रभारी ने बिना वक्त गंवाए तुरंत विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी नंदू अगरिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 71/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2)(ड) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी की घेराबंदी की और घटना के अगले ही दिन, यानी 29 जून को उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को विशेष न्यायालय रामानुजगंज के समक्ष पेश किया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इसके तुरंत बाद आरोपी को रामानुजगंज जेल में दाखिल करा दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए मामले के अन्य सभी पहलुओं पर भी बारीकी से कानूनी जांच और विवेचना की जा रही है।
