कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां कटघोरा वन मंडल के जटगा वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की जान चली गई। ग्राम पंचायत धवलपुर के रहने वाले 40 वर्षीय संतोष कुमार गोंड रविवार की शाम रोजमर्रा की तरह अपनी गुम हुई भैंस की तलाश में पास के जंगल की ओर निकले थे। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि घने पेड़ों के बीच मौत उनका इंतज़ार कर रही है। रात करीब 9 बजे जंगल के सन्नाटे में अचानक उनका सामना इलाके में बिछड़कर विचरण कर रहे एक विशालकाय हाथी से हो गया। इससे पहले कि संतोष संभल पाते या वहां से भाग पाते, गुस्से से भरे हाथी ने उन पर जोरदार हमला कर दिया और उन्हें अपने पैरों तले कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
जब देर रात तक संतोष घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी और उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर जंगल की ओर रुख किया। काफी खोजबीन के बाद जब संतोष का क्षत-विक्षत शव मिला, तो पूरे धवलपुर गांव में मातम पसर गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए वन विभाग ने तत्काल राहत के रूप में 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि सौंप दी है, जबकि नियमत: मिलने वाली शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की अनुग्रह राशि आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही जल्द ही परिजनों को दे दी जाएगी।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद कटघोरा वन मंडल के डीएफओ निशांत कुमार ने सोमवार को आधिकारिक पुष्टि करते हुए ग्रामीणों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वन विभाग लगातार हाथियों के दल और उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाकों में लगातार मुनादी कराई जा रही है और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डीएफओ ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि हाथियों की मौजूदगी की थोड़ी भी सूचना मिलने पर किसी भी स्थिति में अकेले जंगल या संवेदनशील क्षेत्रों की ओर न जाएं, क्योंकि हाथियों का व्यवहार इस मौसम में अप्रत्याशित हो सकता है।
