अम्बिकापुर। मानसून की दस्तक के साथ ही ग्रामीण अंचलों में रेंगते हुए काल का खौफनाक तांडव शुरू हो चुका है। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोटागहना में शनिवार की दरम्यानी रात एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अपने नाना-नानी के घर छुट्टियों का आनंद लेने आई छह वर्षीय मासूम बच्ची करिश्मा को आधी रात को एक जहरीले सांप ने डस लिया। चीख सुनकर जागी नानी नंदी बाई (56 वर्ष) ने जैसे ही अपनी नातिन की जान बचाने के लिए सांप को अपने हाथों से हटाया, उस क्रूर जीव ने नानी को भी अपना शिकार बना लिया। इस दोहरे प्रहार ने चंद घंटों के भीतर ही हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं और नानी-नातिन दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलरामपुर के घोरघड़ी (फुफंदीपारा) की रहने वाली आठ वर्षीय करिश्मा शुक्रवार को ही बेहद उत्साह के साथ अपनी नानी के घर कोटागहना घूमने आई थी। शनिवार की रात वह अपनी नानी नंदी बाई के साथ जमीन पर बिस्तरों में गहरी नींद में सोई हुई थी। रात के लगभग 11 बजे अचानक एक जहरीला सांप रेंगता हुआ वहां पहुंचा और उसने मासूम करिश्मा को डस लिया। तेज दर्द और बेचैनी से तड़पती हुई बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पास ही सोई नानी की आंखें खुल गईं। अंधेरे में जब नानी ने ध्यान से देखा तो नातिन के शरीर के पास एक भयानक सांप लिपटा हुआ था। ममता के वशीभूत होकर नानी ने बिना अपनी जान की परवाह किए बच्ची को बचाने के लिए सांप को हाथ से पकड़कर दूर हटाना चाहा, लेकिन इसी कोशिश में सांप ने नानी के हाथ पर भी जोरदार डंक मार दिया।
जहर का असर दोनों के शरीर में इतनी तेजी से फैला कि उनकी हालत चंद मिनटों में बिगड़ने लगी। रात करीब तीन बजे तड़पते हुए नानी नंदी बाई ने घर पर ही दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर, गंभीर रूप से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही मासूम करिश्मा को परिजनों ने आनन-फानन में 108 एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्ची की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन बेहद उम्मीदों के साथ उसे लेकर अम्बिकापुर की तरफ भागे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; तड़के करीब चार बजे चंद्रगढ़ के समीप रास्ते में ही मासूम करिश्मा ने भी आखिरी सांस ले ली। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी धड़कनें शांत हो चुकी थीं।
इस दोहरे हादसे की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए हैं। एक ही घर से नानी और नातिन की अर्थी उठने की इस खबर से पूरे कोटागहना गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इसी तरह की एक अन्य दुखद घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नरकालो में भी दर्ज की गई, जहां अपनी बेटी और नाती-पोतों के साथ जमीन पर सोई एक वृद्ध महिला की भी सर्पदंश के कारण असमय मौत हो गई।
लगातार बढ़ रही इन त्रासदियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी और गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सख्त अपील की है कि वे बारिश के इस मौसम में घरों के आसपास किसी भी प्रकार का कबाड़ या झाड़ियां जमा न होने दें और पूरी तरह साफ-सफाई रखें। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया गया है कि लोग फर्श या जमीन पर सोने की आदत को पूरी तरह त्याग दें, क्योंकि अधिकांश सर्पदंश की घटनाएं जमीन पर सोने वालों के साथ ही घटित हो रही हैं। इसके साथ ही, सांप काटने की स्थिति में कीमती समय बर्बाद करने वाले झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चक्करों से दूर रहकर पीड़ित को बिना एक पल गंवाए सीधे नजदीकी शासकीय अस्पताल ले जाने की हिदायत दी गई है, ताकि समय पर एंटी-वेनम देकर इंसानी जिंदगी को सुरक्षित बचाया जा सके।
