जशपुर। सड़कों पर असमय दम तोड़ती जिंदगियों को बचाने और आम नागरिकों में सुरक्षित सफर की संस्कृति विकसित करने के लिए जशपुर पुलिस ने अब एक बड़े और निर्णायक आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। जिले के पुलिस कप्तान, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के कुशल नेतृत्व में रविवार को पूरे जिले में एक साथ व्यापक सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटना या राजस्व वसूलना नहीं, बल्कि हर हाल में इंसानी जीवन की रक्षा करना है। आज जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में पुलिस ने एक साथ मोर्चा संभाला और सड़क पर बिना हेलमेट व बिना सीट बेल्ट के फर्राटा भर रहे वाहन चालकों को रोककर उन्हें कानून का पाठ पढ़ाने के बजाय सीधे उनके दिलों को झकझोरने का काम किया।
इस अभियान के दौरान पकड़े गए नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के लिए पुलिस ने एक अनूठी और बेहद संवेदनशील व्यवस्था तैयार की थी। लापरवाही बरतने वाले इन वाहन चालकों को तत्काल दंडित करने के बजाय एक स्थान पर एकत्रित किया गया, जहां उन्हें लगभग एक घंटे तक सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों पर आधारित एक विशेष जागरूकता फिल्म दिखाई गई। इस फिल्म में बहुत ही मार्मिक और यथार्थवादी ढंग से यह दर्शाया गया था कि कैसे बिना हेलमेट के चलना, तेज रफ्तार की सनक, नशे की हालत में स्टीयरिंग थामना और वाहन चलाते समय जरा सी भी लापरवाही किसी हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का गहरा जख्म दे सकती है। इस जीवंत और संवेदनशील फिल्म को देखकर कई चालकों की आंखें नम हो गईं और उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ।

फिल्म के प्रदर्शन के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सभी वाहन चालकों को बेहद गंभीरता के साथ ‘सड़क सुरक्षा के सात वचन’ की सामूहिक शपथ दिलाई गई। इस संकल्प पत्र के माध्यम से सभी चालकों ने पूरी निष्ठा के साथ यह प्रण लिया कि वे भविष्य में हमेशा आईएसआई मानक वाले हेलमेट का ही प्रयोग करेंगे, चारपहिया गाड़ी में बैठते ही सबसे पहले सीट बेल्ट लगाएंगे, कभी भी नशे की हालत में वाहन को हाथ नहीं लगाएंगे, रफ्तार की सीमा नहीं लांघेंगे और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन से पूरी दूरी बनाकर रखेंगे। गौरतलब है कि जशपुर पुलिस पिछले काफी समय से इस जीवन रक्षा अभियान को लेकर बेहद सक्रिय है, जिसके तहत जनचौपाल, भव्य बाइक रैलियों, वीडियो संदेशों और विभिन्न विद्यालयों व सार्वजनिक स्थलों पर लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस मुहिम पर कड़ा संदेश देते हुए साफ किया कि फिलहाल हमारी प्राथमिकता केवल समझाइश देकर लोगों के भीतर खुद की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है, ताकि वे नियमों के महत्व को समझ सकें। लेकिन यह मोहलत बेहद सीमित समय के लिए है। आने वाले कुछ ही दिनों में बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और यातायात के अन्य नियमों का सरेआम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पूरे जिले में एक साथ बेहद सख्त, व्यापक और कठोर चालानी अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें किसी भी स्तर पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। पुलिस अब केवल समझाएगी नहीं, बल्कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त वैधानिक व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

अभियान के अंत में जशपुर पुलिस ने आम जनता से बेहद भावुक और मार्मिक अपील करते हुए कहा है कि नागरिक स्वयं और अपने परिवार की खुशियों को सर्वोपरि रखें और सुरक्षा को अपनी आदत में शुमार करें। पुलिस ने दोटूक शब्दों में जनता को सचेत करते हुए कहा कि चालान में कटने वाला पैसा तो कड़ी मेहनत से दोबारा भी कमाया जा सकता है, लेकिन किसी भीषण सड़क दुर्घटना में असमय खोया हुआ अनमोल जीवन कभी भी किसी कीमत पर वापस नहीं लौट सकता। नागरिकों को यह समझना होगा कि सिर पर बंधा हुआ हेलमेट पुलिस के डर की वजह से उनकी पहचान छिपाने का जरिया नहीं है, बल्कि वह उनकी अपनी जिंदगी और उनके पूरे परिवार की सुरक्षा का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
