रायपुर। सोशल मीडिया पर धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ और तकनीक के दुरुपयोग का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। रायपुर में एक मसीही (क्रिश्चियन) संगठन के फेसबुक पेज ‘फ्रॉम हेवन टू अर्थ’ पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक और विवादित वीडियो अपलोड किए जाने के बाद से भारी आक्रोश है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार किए गए इन वीडियो और तस्वीरों में कथित तौर पर भगवान शिव और भगवान विष्णु को ईसा मसीह (यीशु) को अपना पिता बताते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा, वीडियो में भगवान श्रीराम को यीशु से उपदेश लेते और भगवान हनुमान द्वारा उन्हें सबसे शक्तिशाली बताते हुए दर्शाया गया है। इन वीडियो के जरिए ईसा मसीह को हिंदू देवी-देवताओं से श्रेष्ठ दिखाने का प्रयास किया गया है, जिसे हिंदू संगठनों ने अपनी आस्था का सीधा अपमान बताया है।
इस विवादित कंटेंट के सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बजरंग दल के अध्यक्ष रवि वाधवानी ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की भड़काऊ सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ प्रशासन को तत्काल और सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस कंटेंट को सोशल मीडिया से तुरंत हटाया जाए और इसे बनाने व शेयर करने वाले मसीही संगठन के पेज एडमिन सहित संबंधित यूजर्स के खिलाफ धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। हिंदू संगठनों द्वारा इस मामले की एक लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह से धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का दुस्साहस न कर सके। बताया जा रहा है कि इस पेज पर ऐसे दर्जनों वीडियो अपलोड हैं, जिन्हें मसीही समाज के कुछ लोगों द्वारा लगातार वायरल भी किया जा रहा है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और साइबर सेल की तकनीकी टीम तुरंत एक्टिव हो गई है। पुलिस अब प्रारंभिक जांच के जरिए इस फेसबुक पेज के ओरिजिनल सोर्स और आईपी एड्रेस (IP Address) का पता लगाने में जुट गई है, ताकि यह साफ हो सके कि इन विवादित एआई वीडियो को मूल रूप से किसने बनाया और कहाँ से अपलोड किया। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने या किसी भी धर्म की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले कंटेंट पर साइबर सेल लगातार नजर रखती है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिंदू संगठनों से मिलने वाली लिखित शिकायत और वीडियो साक्ष्यों की बारीकी से तकनीकी जांच की जाएगी; इसके आधार पर कानून व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से जुड़ी उचित कानूनी धाराओं के तहत आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
