रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण इलाके में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और ग्रामीणों पर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। खरोरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रायपुर के न्यू पुरैना निवासी सुशांत ज्ञानिक (40 वर्ष) और कुशालपुर निवासी पीयूष पटेल (30 वर्ष) के रूप में हुई है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम मांठ के निवासी हेमंत सिंह मरावी ने खरोरा थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी सुशांत और पीयूष लगातार गांव के आदिवासी बाहुल्य मोहल्ले में आ रहे थे। आरोप है कि दोनों व्यक्ति वहां के सीधे-साधे ग्रामीणों के बीच हिंदू धर्म और उनके देवी-देवताओं को लेकर बेहद अपमानजनक, अमर्यादित और भड़काऊ टिप्पणियां कर रहे थे। इतना ही नहीं, दोनों आरोपी ग्रामीणों को अपनी पारंपरिक आस्था छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए लगातार उकसा रहे थे और उन पर मानसिक दबाव बना रहे थे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कड़े निर्देशन में खरोरा पुलिस ने तुरंत कदम उठाया। पुलिस ने पीड़ित हेमंत सिंह और गांव के अन्य प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों से विस्तृत पूछताछ की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। इस जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 302/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत कड़ा मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
