नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े वीआईपी मूवमेंट के कारण अक्सर सड़कें खाली करा ली जाती हैं, लेकिन रविवार, 21 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। दोपहर ठीक 1:15 बजे जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा, तो वे हमेशा की तरह तुरंत अपने आवास के लिए रवाना नहीं हुए। इसके बजाय, उन्होंने पूरे 45 मिनट तक एयरपोर्ट पर ही रुकने का एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया। दरअसल, दोपहर 2 बजे से देश की सबसे प्रतिष्ठित और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक, नीट (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा शुरू होनी थी।
प्रधानमंत्री भली-भांति जानते थे कि उनके काफिले की आवाजाही के लिए तय रास्तों पर ट्रैफिक को रोका जाता है और अस्थायी पाबंदियां लगाई जाती हैं। ऐसे में ऐन परीक्षा के वक्त बड़ी संख्या में छात्र एग्जाम सेंटर्स की तरफ बढ़ रहे थे और पीएम मोदी नहीं चाहते थे कि उनके प्रोटोकॉल की वजह से एक भी छात्र को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़े या किसी की परीक्षा छूटे। अधिकारियों के मुताबिक, पीएम ने ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुचारू रखने और छात्रों की सहूलियत के लिए दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होने के बाद ही एयरपोर्ट से कदम बाहर निकाले।
प्रधानमंत्री का यह कदम इसलिए भी बेहद अहम था क्योंकि हाल ही में पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुई इस परीक्षा को देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा आयोजित किया जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए इस बार साख बचाने की बड़ी चुनौती है, जिसके तहत देश के 5,440 सेंटर्स और विदेशों में बने 14 केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
इस परीक्षा के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश-विदेश में 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार इस बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री ने वीआईपी संस्कृति से ऊपर उठकर छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी, ताकि पेपर लीक के मानसिक तनाव से गुजर चुके इन परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक परेशानी न उठानी पड़े।
