जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बीमारी ठीक करने के नाम पर कथित चंगाई सभा आयोजित कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम उदयबंद (गुड़ीपारा) में चल रहे इस खेल का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने एक पास्टर और मकान मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि इस सभा में न केवल अंधविश्वास फैलाया जा रहा था, बल्कि हिंदू देवी-देवताओं पर बेहद आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां भी की जा रही थीं। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 3(5) के तहत कार्रवाई की है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हिंदू जागरण संगठन के जिला प्रशासन संपर्क प्रमुख सतीश सोनी को ग्राम उदयबंद के एक ग्रामीण से वहां चल रही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। शिकायत के मुताबिक, गुड़ीपारा स्थित एक घर में बाहरी लोगों को इकट्ठा कर बीमारी के इलाज का दावा किया जा रहा था। इलाज के नाम पर लोगों को कोई ‘चमत्कारी पानी’ पिलाया जा रहा था और साथ ही ईसाई धर्म से जुड़े साहित्य व बाइबल बांटी जा रही थी। सबसे ज्यादा आक्रोश इस बात को लेकर फैला कि सभा के मंच से हिंदू आस्था और देवी-देवताओं के खिलाफ अमर्यादित बातें कही जा रही थीं, जिससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप और सीएसपी योगिता बाली खापर्डे ने तुरंत एक्शन के निर्देश दिए। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन मौके पर छापेमारी की। वहां चंगाई सभा का संचालन कर रहे मकान मालिक बद्रीनाथ बरेठ (40 वर्ष) और मूलमुला निवासी पास्टर रथराम महिलांगे (38 वर्ष) को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि वे बीमारी ठीक करने के बहाने भीड़ जुटाकर धर्म प्रचार कर रहे थे और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे थे।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में ईसाई धर्म से जुड़े दस्तावेज, बाइबल और अन्य प्रचार सामग्रियां जब्त की हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में उप निरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा, कमलदास बनर्जी और सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी विवेचना जारी है।
