नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में सोमवार की रात धर्मांतरण के आरोपों को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। घटना की शुरुआत तब हुई जब ‘प्रेस’ लिखी एक गाड़ी में सवार होकर एक पास्टर समेत तीन लोग गांव पहुंचे और कथित तौर पर एक स्थानीय घर में धार्मिक गतिविधियां संचालित करने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि ये लोग आदिवासी समुदाय के सीधे-साधे लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस बात की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और उन्होंने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह वैचारिक विरोध हिंसक रूप में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद गांव में स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि कथित रूप से धर्मांतरण कराने आए लोगों ने अपनी गाड़ी पर ‘प्रेस’ लिख रखा था, जिससे पत्रकारिता जैसी पवित्र संस्था की छवि भी धूमिल हो रही है। ग्रामीणों ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थिति को संभाला और एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
वर्तमान में भरंडा गांव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी लगातार दोनों पक्षों से संवाद स्थापित कर शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिशों में जुटे हैं। इस पूरे मामले पर भरंडा थाना पुलिस का कहना है कि घटना की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है और संबंधित संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी कानून हाथ में लेने या क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
