धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पिछले चार वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए पुलिस ने करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये की संपत्ति ज़ब्त की है, जिसमें 490 किलो से अधिक उच्च गुणवत्ता का गांजा शामिल है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज सिंह परिहार के कुशल निर्देशन में हुई इस छापेमारी ने अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर श्यामतराई फॉरेस्ट नाका के पास नाकेबंदी की गई थी, जहाँ चारामा की ओर से आ रही एक महिंद्रा पिकअप और मारुति स्विफ्ट कार को पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में चारों तरफ से घेर लिया।
वाहनों की सघन तलाशी लेने पर पुलिस की आँखें फटी की फटी रह गईं; गांजे को बेहद शातिर तरीके से छिपाकर ले जाया जा रहा था। तौले जाने पर कुल 490 किलो 818 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाज़ार में कीमत लगभग 2 करोड़ 45 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से नौशाद खान, करण साहू, मोहम्मद शादिक और हिमांशु साहू नाम के चार मुख्य आरोपियों को दबोचा, जबकि उनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिक) को भी हिरासत में लिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल दोनों वाहन और छह मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं, जिससे कुल ज़ब्त संपत्ति का आंकड़ा 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार रुपये तक पहुँच गया। प्राथमिक पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपी इस खेप को जगदलपुर क्षेत्र से लेकर आ रहे थे और इसे रायपुर समेत राज्य के अन्य बड़े शहरों में खपाने की बड़ी साजिश थी। धमतरी पुलिस की मुस्तैदी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज छह हफ्तों के भीतर गांजा तस्करों के खिलाफ यह उनकी सातवीं बड़ी और कामयाब सर्जिकल स्ट्राइक है, जिसने इलाके के ड्रग माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है।
