धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम के बदलते मिजाज के कारण लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है, जिससे जिला अस्पताल समेत क्षेत्र के निजी क्लीनिकों में मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। हालात यह हैं कि अस्पतालों में इन दिनों उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन, तेज बुखार और एनीमिया जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों का तांता लगा हुआ है। चिकित्सालय के वार्ड मरीजों से भरे हुए हैं और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर दबाव साफ देखा जा सकता है।
अस्पताल प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला चिकित्सालय में इन दिनों प्रतिदिन औसतन 350 से 400 ओपीडी पंजीकरण हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश मरीज गर्मी जनित दिक्कतों के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। धमतरी जिला अस्पताल में बेहतर उपचार सुविधाओं के चलते न केवल स्थानीय बल्कि पड़ोसी जिले बालोद, कांकेर और आसपास के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहाँ आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों की व्यस्तता काफी बढ़ गई है।
इस वर्ष मार्च-अप्रैल के बाद से ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सुबह की शुरुआत होते ही गर्म हवाओं (लू) का दौर शुरू हो जाता है, जो दोपहर होते-होते असहनीय उमस में बदल जाता है। स्थिति इतनी विकट है कि घरों और दफ्तरों में लगे पंखे व कूलर भी लोगों को राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इस जानलेवा मौसम की सबसे ज्यादा मार बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रही है, जो तेजी से इन मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़े तापमान और शरीर में पानी की कमी के कारण ही डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग जैसे मामलों में यह उछाल आया है।
बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. यू.एल. कौशिक ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक उमस और गर्मी सीधे तौर पर स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में धूप में बाहर निकलें। उन्होंने आमजन को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस के घोल का उपयोग करने, स्वच्छ व हल्का भोजन लेने तथा बाहर के तले-भुने और मसालेदार खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी को भी कमजोरी, चक्कर आने या उल्टी-दस्त जैसी शिकायत हो, तो वे घरेलू उपचार के भरोसे न रहें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टरों से परामर्श लें।
