अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय (राजीव भवन) में हुई चोरी के मामले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए इस मामले में मुख्य चोरों सहित चोरी का सामान खरीदने वाले एक कबाड़ दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत इन आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
घटना बीते 14 मई 2026 की मध्यरात्रि की है, जब अज्ञात चोरों ने बाबूपारा स्थित जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में धावा बोल दिया था। चोरों ने कार्यालय के भीतर तोड़फोड़ करते हुए पानी कनेक्शन की करीब 73 नग कीमती टोटियां, पाइपलाइन, कमोड फ्लश और वॉश बेसिन उखाड़ लिए और रफूचक्कर हो गए। इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के प्रभारी जीवन यादव ने अगले दिन 15 मई को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें चोरी गए सामान की कीमत लगभग 25 हजार रुपये बताई गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपितों की तलाश शुरू कर दी थी।
विवेचना के दौरान मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दो संदेही युवकों, शिवदास (निवासी परसा, हाल मुकाम जोड़ा पीपल) और विष्णु यादव (निवासी गुदरी बाजार, अम्बिकापुर) को हिरासत में लिया। मनोवैज्ञानिक ढंग से की गई पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपितों ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस कार्यालय से चुराई गई नल की टोटियों को अग्रसेन चौक स्थित ‘श्याम कबाड़ दुकान’ के संचालक श्याम अग्रवाल को महज 500 रुपये में बेच दिया था। इस स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मायापुर निवासी कबाड़ संचालक श्याम अग्रवाल को भी दबोच लिया।
पूछताछ में कबाड़ संचालक ने आरोपितों से 500 रुपये में नल की टोटियां खरीदने की बात तो स्वीकार की, लेकिन उसने यह दावा किया कि वह उन टोटियों को आगे किसी और को बेच चुका है और खरीदार के बारे में उसे जानकारी नहीं है। पुलिस ने आरोपित शिवदास के पास से चोरी के माल की बिक्री से मिले 500 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। कबाड़ संचालक द्वारा चोरी का सामान खरीदने और उसकी जानकारी छुपाकर सबूत मिटाने के प्रयास के कारण पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 238 भी जोड़ दी है।
इस पूरी त्वरित और सफल कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, आरक्षक लालबाबू सिंह और अमित विश्वकर्मा की मुख्य भूमिका रही।
