बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्रशासन का कड़ा रुख एक बार फिर देखने को मिला है, जहां वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया। जिले के धमनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम गाजर में वन विभाग का ‘बुल्डोजर’ जमकर गरजा और देखते ही देखते 31 अवैध मकानों को जमींदोज कर दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल और वन अमला तैनात रहा।
दरअसल, लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा वन विभाग की संरक्षित भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके पक्के और कच्चे मकानों का निर्माण कर लिया गया था। इस अतिक्रमण को संज्ञान में लेते हुए वन विभाग ने पहले ही सभी संबंधित कब्जाधारियों को नियमानुसार बेदखली का नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का समय दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी जब जमीन खाली नहीं की गई, तब विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया। आज वन विभाग के आला अधिकारियों की सीधी मौजूदगी और कड़े दिशा-निर्देशों के तहत पूरी टीम बुल्डोजर लेकर मौके पर पहुंची।
अधिकारियों के मुताबिक, इस अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत कुल 31 अवैध ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है और वन भूमि को दोबारा विभाग के नियंत्रण में ले लिया गया है। प्रशासन की इस अचानक और ताबड़तोड़ कार्रवाई से इलाके के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
